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डोनाल्ड ट्रंप को जीत दिलाने के पीछे नोएडा का 'पीके'

पत्रिका ब्यूरो | Updated on: 10 November 2016, 18:56 IST
QUICK PILL
  • नोएडा के रहने वाले गिरीश पांडे से विशेष बातचीत, सोशल मीडिया के तहत ट्रंप की जीत में निभाई अहम भूमिका.

अमेरिकी चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप की जीत ने अमेरीकियों के साथ ही दुनिया को भी चौंका दिया है. यह भी जगजाहिर है ट्रंप की जीत तय करने का श्रेय भारतीय मूल के अमेरीकियों को जाता है. लेकिन इसके अलावा भारत में रहने वाला एक भारतीय इससे ज्यादा श्रेय ले जाता है. 

जी हां, यह वो व्यक्ति है जो नोएडा में रहकर सोशल मीडिया के जरिये भारतीय मूल के मतदाताओं को ट्रंप की ओर ले गया. ट्रंप की जीत के बाद इसे ट्रंप का 'पीके' भी कहा जा रहा है. 

इस 'पीके' की खूबी यह है कि उसने अपनी टीम के साथ केवल तीन महीने में वो कारनामा कर दिखाया, जिसे पीके (प्रशांत किशोर) ने मोदी की लहर लाने के लिए करीब एक साल से ज्यादा का वक्त लगा दिया था. आपको भी उस शख्स से रूबरू कराते हैं. 

गिरीश पांडे का जनमत कनेक्ट कैंपेन आया काम

रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रंप की जीत में अहम भूमिका निलाने वाले गिरीश पांडे नोएडा में रहते हैं. गिरीश ने विशेष बातचीत में बताया, "यूके इलेक्शन से ही मेरे मन था कि दूसरे देशों में रह रहे भारतीय मूल के लोगों के हितों को किस तरह से ध्यान में रखा जाए. लेकिन यूके इलेक्शन काफी निकल चुका था. ऐसे में यूएस इलेक्शन की ओर ध्यान देना शुरू किया. हमारा सोचना था कि यूएस इलेक्शन में भारतीय मूल के करीब 34 लाख वोटर्स को बिल्कुल भी इग्‍नोर नहीं किया जा सकता है. उसके बाद से हमारी तैयारी शुरू हो गई."

यहां किया टारगेट

गिरीश पांडे ने बताया कि डोनाल्ड ट्रंप के बारे में सभी लोग जानते हैं कि वो आतंकवाद के पूरी तरह से खिलाफ हैं. जब इस बारे में हमारी अमेरिकी लोगों से बात हुई वो भी आतंकवाद से पूरी तरह से सहमे हुए थे. ऐसे में अमेरिकी और हिंदुस्तानियों की आतंकवाद के खिलाफ एक समान सोच देखने को मिली. 

हमने सबसे ज्यादा इसी पर हिट किया. हमारी ओर से इस तरह का सोशल मीडिया कंटेंट तैयार किया गया जो भारतीय मूल के वहां रह रहे लोगों को ट्रंप की सोच को समझा सकें. इससे अमेरिका के साथ भारत को कितना फायदा होगा. वहीं, आतंकवाद के खत्म होने से दोनों देशों की इकोनॉकी को भी काफी फायदा होगा.

मोदी फैक्टर को बनाया हथियार

उन्होंने बताया कि डोनाल्ड ट्रंप की इलेक्शन कैंपेनिंग हेड मरियम विचर से जब हमारी बात हुई तो हमनें उनसे भारतीय मूल के लोगों के वोटों की बात की. साथ ही ये भी समझाने की कोशिश की गई कि अमेरिका में रह रहे भारतीय मूल के लोगों पर पीएम मोदी का कितना गहरा प्रभाव है. 

इससे दोनों देशों के बीच रिश्ता और भी गहरा होगा. इसका उदाहरण कैंपेनिंग के दौरान सभी देख चुके हैं. आने वाले समय में ट्रंप के रिश्ते भारत के साथ काफी मधुर भी रहेंगे, जिसका फायदा दोनों देशों को होगा.

भारत को ये होंगे फायदे

गिरीश पांडे ने बताया कि ट्रंप के जीतने के बाद से दोनों देशों के बीच काफी मधुर संबंध होने लाजिमी हैं. दोनों का सबसे बड़ा कॉमन एजेंडा है आतंकवाद का खात्मा. इसके बाद दूसरा बड़ा फायदा होगा कि भारत, रूस और अमेरिका के बीच पेंडुलम की तरह नहीं होगा, क्योंकि ट्रंप के रूस के साथ काफी मधुर संबंध हैं. 

जिसका फायदा देश और यहां के लोगों को होगा. इसके अलावा अरब देशों पर लगाम लगने से तेल की कीमतों में काफी गिरावट भी आएगी. भारतीय मूल के लोगों को वहां पर काम और रोजगार के और भी बेहतर अवसर मिलेंगे.

10 साल से कर रहे हैं काम

गिरीश पांडे के अनुसार, वो 10 साल से सोशल मीडिया कैंपेनिंग पर काम कर रहे हैं. उनकी टीम में आठ लोग हैं. नोएडा सेक्टर-55 में ऑफिस बनाया हुआ है. इससे पहले लोकसभा चुनावों में कई नेताओं के लिए सोशल कैंपेनिंग की थी, जिसमें एचआरडी मिनिस्टर महेंद्रनाथ पांडे का नाम भी शामिल है. आपको बता दें कि इस वक्त उनकी नजर यूपी इलेक्शन पर लगी हुई है.

First published: 10 November 2016, 18:56 IST
 
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