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उत्तर कोरिया का नया धमाका, हैंगअोवर फ्री शराब

साहिल भल्ला | Updated on: 26 January 2016, 20:31 IST
QUICK PILL
  • हाइड्रोजन बम के परीक्षण का दावा कर दुनिया को दहशत में डालने वाले उत्तर कोरिया ने इस बार हैंगओवर फ्री अल्कोहल बना कर दुनिया को चौंकाया है.
  • हैंंगअोवर फ्री ड्रिंक को जिनसेंग के पौधे से बनाया गया है और यह पीने वाले को हैंगओवर से बचाता है. ड्रिंक में शुगर की जगह ग्लूटिनस राइस का इस्तेमाल किया गया है जिससे यह पीने में कम कड़वा लगता है.

हैंगओवर फ्री अल्कोहल लाखों लोगों के लिए नई साल की सौगात हो सकती है लेकिन उत्तर कोरिया का दावा है कि वह पहले से ही हैंगओवर फ्री अल्कोहल की खोज कर चुका है. 

प्योंगयांग टाइम्स के मुताबिक डेगॉन्ग फूडस्टफ फैक्ट्री ने कोरियो नाम से नया लिकर बनाया है जो हैंगओवर फ्री है. प्योंगयांग टाइम्स ने यह खबर दी है जो कि उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा अखबार है जिसका नियंत्रण सरकार के हाथों में है.

अखबर में छपे लेख आर्टिकल के मुताबिक कोरियो लिकर एक अल्कोहलिक पेय है और इसको पीने के बाद सुबह में हैंगओवर का खतरा नहीं होता है. यह कहीं से भी पानी नहीं है. अखबार के मुताबिक इसे जिनसेंग के पौधे से बनाया गया है और यह पीने वाले को हैंगओवर से बचाता है. ड्रिंक में शुगर की जगह ग्लूटिनस राइस का इस्तेमाल किया गया है जिससे यह पीने में कम कड़वा लगता है. रिपोर्ट बताती है कि ग्लूटिनस राइस को उत्तर कोरिया में जैविक खेती की मदद से उगाया जाता है.

आम तौर पर उत्तर कोरिया में इसका इस्तेमाल उपचार के दौरान पी जाने वाली ड्रिंक के तौर पर किया जाता है. कोरयो को छह साल पुरानी जिनसेंग से बनाया जाता है. रिपोर्ट बताती है, 'शराब को राष्ट्र के वैज्ञानिक और तकनीकी खोज के तौर पर पंजीकृत किया जा चुका है. 

ड्रिंक में शुगर की जगह ग्लूटिनस राइस का इस्तेमाल किया गया है जिससे यह पीने में कम कड़वा लगता है

पिछले साल इसे पांचवेें राष्ट्रीय शराब प्रदर्शनी में सबसे ऊपरी पायदान पर जगह मिली थी. वहीं 30वें राष्ट्रीय वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकी फेस्टिवल में भी इसे टॉप रैंकिंग मिली थी. इस दौरान इस लिकर को 15 मेडल ऑफ क्वॉलिटी से नवाजा गया था जो देश के सबसे बेहतरीन खाद्य उत्पाद को दिया जाता है.'

हालांकि जिसे हैंगओवर फ्री अल्कोहल बताया जा रहा है वह बीयर से ज्यादा खतरनाक है. एक बियर में आमतौर पर जहां 5 फीसदी अल्कोहल होती है वहीं इस हैंगओवर फ्री लिकर में 30-40 फीसदी अल्कोहल है. रिपोर्ट के मुताबिक इस लिकर को उत्तर कोरियाई लोगों ने जबरदस्त तरीके से स्वागत किया है और इसे एक्सपर्ट्स और पीने का शौक रखने वालों ने सराहा है. लेकिन किसी ने भी इसे टेस्टी बताने की भूल नहीं की है.

दुनिया के अन्य देशों में जिनसेंग का इस्तेमाल उपचार संबंधी काम में किया जाता है और इसमें दक्षिण कोरिया भी शामिल है. ऐसे में आप निश्चित तौर पर इस ड्रिंक्स को विकल्प के तौर पर भी आजमाना नहीं चाहेंगे. जून 2015 की रिपोर्ट में प्योंगयांग ने मर्स बीमारी का इलाज खोज निकालने का दावा किया था.

कोरियाई सेंट्रल न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में तो यहां तक दावा किया गया, 'सार्स, इबोला और मर्स जैसी सभी बीमारियां शरीर की रोग प्रतिरोध क्षमता से जुड़ी हुई हैं और डीपीआरके की तरफ से बनाई गई कुमडंग-2 इंजेक्शन की मदद से इसका उपचार किया जा सकता है.' 

उत्तर कोरिया के मुकाबले बेहद प्रगतिशील दक्षिण कोरिया ने भी जिनसेंग को हैंगओवर से जोड़ दिया. 2014 की दक्षिण कोरिया के एक अध्ययन के मुताबिक जिनसेंग से अल्कोहल का असर कम करने में मदद मिलती है और हैंगओवर भी नहीं होता है.

हालांकि पिछले साल एक अन्य स्टडी में यह बात सामने आई थी कि हैंगओवर से निपटने का सबसे आसान तरीका कम पीना है और इसका डिहाईड्रेशन से कोई लेना-देना नहीं है जैसा कि आम तौर पर समझा जाता है. यह शोध नीदरलैंड और कनाडा के वैज्ञानिकों की तरफ से 824 डच और 789 कनाडाई छात्रों पर किया गया था. इसका यह मतलब नहीं कि उत्तर कोरिया ही केवल हैंगओवर की समस्या में अपना दिमाग खपा रहा है. 

रिपोर्ट के कुछ दिन पहले ही वैज्ञानिकों के एक समूह ने दावा किया था कि अल्कोहल पीने से पहले नाशपाती का जूस लेने से हैंगओवर से बचने में मदद मिलती है. उत्तर कोरिया ही इस मामले में पहला देश नहीं है. ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने कुछ साल पहले ही हैंगओवर फ्री बीयर बनाने का दावा किया था. 

लेकिन एक बात तो तय है कि अगर यह ड्रिंक उत्तर कोरिया की चौहद्दी से बाहर आता है तो इसे चखने वाले लोगों की कमी नहीं होगी और अगर यह कामयाब रहा तो लोग हाइड्रोजन बम और उत्तर कोरिया के तानाशाह की तरफ से लोगों को अक्सर मौत के घाट उतारे जाने के कलंक से मुक्ति मिल जाएगी.

First published: 26 January 2016, 20:31 IST
 
साहिल भल्ला @IMSahilBhalla

Sahil is a correspondent at Catch. A gadget freak, he loves offering free tech support to family and friends. He studied at Sarah Lawrence College, New York and worked previously for Scroll. He selectively boycotts fast food chains, worries about Arsenal, and travels whenever and wherever he can. Sahil is an unapologetic foodie and a film aficionado.

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