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Inside Story : हाथ मिलाते भावुक हो गया तानाशाह किम, दोनों के बीच हुई ये निजी बातें

सुनील रावत | Updated on: 27 April 2018, 18:11 IST

उत्तर कोरिया की इमारत के सुनहरे दरवाजे खुले और काले माओ सूट में नेता किम जोंग बाहर निकले. चारों ओर से घेरे अधिकारियों की घबराहट के बीच वह सीमा की तरफ बढ़ चले. 1950-53 में कोरियाई युद्ध के बाद से उत्तर कोरियाई नेता ने दक्षिण कोरिया की मिट्टी पर कभी कदम नहीं रखे.

एक मुस्कुराहट के साथ किम ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन की तरफ हाथ बढ़ाया. दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति भी मुस्कुराये जो सीमा के उस तरफ खड़े थे. यह जगह दोनों देशों के बीच उन कुछ स्थानों में से एक था जहां दो देशों के बीच कोई तार-बाड़ या खनन क्षेत्र नहीं है, यह क्षेत्र 1953 के युद्ध के बाद समझौते में नहीं आ सका था.

किम ने कहा कि मैं इस ऐतिहासिक जगह पर मिलने के लिए उत्साहित था और आप व्यक्तिगत रूप से मुझे बधाई देने के इस सीमा रेखा पर आये. इसके साथ ही किम ने सीमा पार से ही मून का हाथ पकड़ लिया. डार्क सूट और हल्के नीले रंग की टाई पहने हुए मून ने कहा, इसके लिए आपने बहुत बड़ा फैसला लिया है. इसके साथ ही उन्होंने किम को सीमा रेखा के उस पार कदम रखने के लिए कहा.

किम के दादा और उत्तर कोरियाई शासन के संस्थापक नेता किम इल सुंग, या उनके पिता किम जोंग इल ने ऐसा कभी नहीं किया.उत्तर कोरिया के किसी नेता को 'बॉर्डर लाइन' पार करने में 65 साल लगे और ऐसी शिखर वार्ता के लिए दोनों देशों ने 11 साल लंबा इंतज़ार किया.

कोरियाई नेताओं के बीच पिछली दो शिख वार्ताएं 2000 और 2007 में उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में हुई थी. 65 साल के मून और 34 साल के किम इसके बाद फोटोग्राफरों की तरफ मुड़ गए और फिर किम ने मून का हाथ पकड़ लिया.

किम ने कहा कि सीमा पार करने के बाद कुछ दूर चलने पर उन्हें महसूस हुआ कि इसके लिए उन्हें इतना लंबा क्यों लगा. इसके बाद दोपहर के सूरज की धूप में सीमा के साथ लगे एक नीले फुटब्रिज पर एक छोटी सी मेज पर दोनों ने आधा घंटे निजी बातचीत की. दोनों हंसते हुए गंभीर लग रहे थे. यह एक असाधारण दृश्य था.

कोई सोच भी नहीं सकता था कि कुछ महीने पहले मिसाइल और परमाणु परीक्षण के बाद दोनों इस तरह भी मिल सकते हैं. मून ने कहा, हमें पूरी दुनिया उम्मीदों के साथ देख रही है और हमारे कंधों पर बहुत कुछ टिका है. किम भी मून की बातों का आशावाद के साथ जवाब दे रहे थे.

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First published: 27 April 2018, 18:06 IST
 
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