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अजील डोभाल का बड़ा खुलासाः कंधार विमान अपहरण में ISI ने की मदद

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 January 2017, 18:49 IST

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई कई बार भारत के लिए एक बड़ी मुसीबत साबित हो चुकी है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का कहना है कि 1999 में कंधार में हाईजैक हुए विमान के हाइजैकर्स के पीछे आईएसआई का हाथ था. 

उस वक्त अजीत डोभाल ने भी विमान के बंधकों को मुक्त कराने के लिए हाइजैकर्स से बातचीत की थी. कंधार हाईजैकिंग हादसे पर लिखी गई किताब में डोभाल ने यह खुलासा किया है. 

न्‍यूज एजेंसी रॉयटर्स की पूर्व इंडिया ब्‍यूरो चीफ मायरा मैकडॉनल्‍ड ने इस विषय पर एक किताब 'डिफीट इज ऐन ऑर्फन: हाऊ पाकिस्‍तान लॉस्‍ट द ग्रेट साउथ एशियन वॉर' लिखी है. 

किताब में डोभाल ने बताया कि अगर तालिबान हाइजैकर्स को आईएसआई का समर्थन नहीं होता तो भारत ने इस संकट का समाधान कर लिया होता. कंधार में विमान के पास बहुत से तालिबान आतंकी थे और उनके पास हथियार थे.

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'अल-कायदा का आतंकी कंधार विमान अपहरण करने वाले को जानता था'

जब आतंकियों से बातचीत करने वाली टीम मौके पर पहुंची तो उन्हे पता चला कि इसमें पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की भी दखलअंदाजी है. डोभाल ने कहा कि विमान के पास आईएसआई के दो लोग खड़े थे. जल्‍द ही कई और वहां आ गए. उनमें से एक लेफ्टिनेंट कर्नल और दूसरा मेजर था. 

उन्‍होंने पाकिस्‍तान में काम करते हुए कई साल बिताए थे. इस घटना में भारत की परेशानी तब और भी ज्यादा बढ़ गई जब उन्हे पता चला कि हाइजैकर्स सीधे आईएसआई अधिकारियों से बात कर रहे थे.

वहां पर जो कुछ भी हो रहा था, उसके बारे में हमें जानकारी मिल रही थी. डोभाल के हवाले से किताब में लिखा है कि हमने हाइजैकर्स पर जो भी दबाव बनाया था, आईएसआई ने उसे खत्‍म कर दिया. 

बता दें कि यह बंधक संकट तब खत्‍म हुआ था जब भारत ने तीन आतंकवादियों मसूद अजहर, अहमद उमर सईद शेख और मुस्‍ताक जरगार को रिहा किया था. डोभाल ने इन तीनों को आईएसआई समर्थित आतंकवादी करार दिया.

गौरतलब है कि दिसंबर 1999 को काठमांडू से दिल्ली आ रही फ्लाइट IC814 को हाईजैक कर लिया गया था.

First published: 15 January 2017, 18:49 IST
 
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