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तस्वीरें: हिरोशिमा में ओबामा का 'भावुक' भाषण, लेकिन नहीं मांगी माफी

साहिल भल्ला | Updated on: 10 February 2017, 1:49 IST
(गेटी)

अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने शुक्रवार को जापान में हिरोशिमा परमाणु हमले के शिकार लोगों की याद में बनाए गए पीस मेमोरियल पार्क का दौरा किया.

ओबामा ऐसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति हैं, जिन्होंने पद पर रहते हुए हिरोशिमा का दौरा किया, जो परमाणु युग की तबाही का शिकार बना था.

द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान अमेरिका ने छह अगस्त, 1945 को जापान के हिरोशिमा और नौ अगस्त, 1945 को नागासाकी शहर में परमाणु बम गिराए थे. परमाणु हमले में हिरोशिमा की कुल तीन लाख 50 हजार की आबादी में से एक लाख 40 हजार लोग हमले में मारे गए थे. वहीं नागासाकी में 74 हजार लोग मारे गए थे.

राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की, लेकिन परमाणु हमले के लिए माफी नहीं मांगी.

ओबामा ने कहा, "इस हमले ने दिखाया कि किस तरह मानव जाति के पास अपने आपको तबाह करने के सारे सामान मौजूद हैं. हम हिरोशिमा क्यों आए हैं? हम उस खौफनाक ताकत पर चिंता जताने आए हैं, नजदीकी अतीत में जिसे खुला छोड़ दिया गया था. हम उस मौत पर अफसोस प्रकट करने आए हैं."

71 साल पहले हुई परमाणु त्रासदी को याद करते हुए ओबामा ने कहा, "उस दिन आसमान से आग बरसी थी और दुनिया बदल गई. फूल चढ़ाने के दौरान ओबामा बेहद शांत मुद्रा में थे और उन्होंने थोड़ी देर के लिए अपनी आंखें मूंद ली थीं."

इस मौके पर जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे भी ओबामा के साथ मौजूद रहे. ओबामा ने अपने भाषण में दुनिया के परमाणु रहित होने की बात कही. उन्होंने कहा, "अमेरिका के पास भी परमाणु हथियारों का बड़ा भंडार है. लेकिन हमारे भीतर भय के तर्क से बचने और परमाणु हथियार रहित दुनिया के लिए कोशिश करने का साहस होना चाहिए."

उन्होंने कहा कि हमें लड़ाई को ही लेकर अपनी मानसिकता बदलनी होगी. युद्ध के संकट को कूटनीति के जरिए रोकना होगा. अगर युद्ध शुरू हो चुका है, तो उसे खत्म करने के प्रयास करने होंगे.

हिरोशिमा जाने से पहले अमेरिका राष्ट्रपति बराक ओबामा वियतनाम के दौरे थे. वहां उन्होंने मशहूर शेफ एंथनी बोर्डेन से मुलाकात की और वियतनामी खाना खाया. इसके लिए ओबामा ने छह डॉलर (करीब 400 रुपये) चुकाए.

First published: 28 May 2016, 2:16 IST
 
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