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'ईस्ट इंडिया कंपनी की तर्ज पर चीन करना चाहता है पाकिस्तान पर कब्ज़ा'

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 May 2018, 16:53 IST

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में एक वरिष्ठ वकील ने याचिका दायर की है कि चीन को पाकिस्तान में जमीन खरीदने के अधिकार पर रोक लगा दी जाये. गौरतलब है कि चीन, पाकिस्तान में अरबों डॉलर का आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) बना रहा है. नेशन की रिपोर्ट के अनुसार यह याचिका 'वतन पार्टी' के बैरिस्टर जफरुल्लाह खान ने दायर की है.

खान ने दावा किया है कि सीपीईसी के नाम पर चीनी नागरिकों को लाभ दिया जा रहा है और "राज्य की संप्रभुता के खिलाफ लीज पर भूमि अधिग्रहण की जा रही है. गौरतलब है कि चीन ने पाकिस्तान में 60 बिलियन अमरीकी डालर से अधिक के चाइना-पाक इकनोमिक कॉरिडोर की 2013 में शुरुआत की थी.

 

बैरिस्टर खान ने कहा कि चीन पाकिस्तान में कई अन्य विशेषाधिकारों का लाभ लेना जारी रखता है क्योंकि पाकिस्तान में उनके लिए आवासीय उपनिवेश स्थापित किए जा रहे है. खान ने दावा किया कि चीन वर्तमान में पाकिस्तान में वही कर रहा है जो ईस्ट इंडिया कंपनी ने 18 वीं और 20 वीं सदी के बीच भारतीय उपमहाद्वीप के ब्रिटिश कब्ज़ा करने के लिए किया था.

पाकिस्तानी वकील का कहना है कि पाकिस्तान और चीन के बीच सीपीईसी समझौता बीजिंग के पक्ष में एकतरफा अनुबंध है और इस्लामाबाद जो संप्रभुता से गंभीरता से समझौता कर रही है. उन्होंने उच्चतम न्यायालय से कहा कि सीपीईसी समझौते के नियमों और शर्तों की समीक्षा करने के लिए सरकार को तत्काल निर्देश जारी दिए जाएं और चीन का पाकिस्तान में निवेश से रोका जाए.

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First published: 8 May 2018, 16:53 IST
 
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