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चीन ने भारत को फिर दिखाई चालाकी, कश्मीर मसले पर अब शुक्रवार को UNSC में होगी चर्चा

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 August 2019, 23:58 IST

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान में भारी रोष है. जिसे लेकर पाकिस्तान लगातार भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है. हालांकि, कोई देश पाकिस्ता को भाव नहीं दे रहा. हालांकि, पाकिस्तान की ओर से लगातार की जा रही कोशिश के बाद अब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) शुक्रवार को कश्मीर मुद्दे पर एक क्लोज डोर बैठक करेगी.

क्लोज डोर बैठक में जम्मू-कश्मीर से हटाए गए अनुच्छेद 370 को लेकर चर्चा होगी और इसे दौबारा से लागू करने की बहस होगी. खबरों के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष जोआना रेकोनाका ने बुधवार को पत्रकारों से कहा कि वह बंद दरवाजों के पीछे जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर 16 अगस्त को चर्चा करेंगे.

यह बात तब सामने आई है, जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने मंगलवार रात कहा था कि उन्होंने कश्मीर मसले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को एक पत्र लिखा है. पाक विदेश मंत्री कुरैशी ने कश्मीर मसले पर पत्र लिखते हुए संयुक्त राष्ट्र परिषद से इस मामले पर तुरंत एक आपातकालिक बैठक बुलाने की गुहार लगाई.

इसके अलावा पाकिस्तान के दोस्त चीन ने भी उसकी यह बात मानते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) से बैठक बुलाने की मांग की है. बैठक में चीन ने जम्मू-कश्मीर मसले पर पाकिस्तान की शिकायतों को सुनने की बात कही. चीन ने इस मामले में आधिकारिक तौर पर पोलैंड को यह खत लिखा गया है.

क्योंकि यूएनएससी में पोलैंड अगस्त महीने का काउंसिल चेयरमैन है, इसलिए किसी भी बैठक को बुलाने के लिए उसकी मंजूरी जरूरी है. पाकिस्तानी विदेश मंत्री कुरैशी ने धमकी भरे लहजे में कहा कि यदि भारत इसी तरह आक्रामक रुख बनाए रखता है तो पाकिस्तान चुप नहीं बैठेगा.

बता दें कि हाल ही में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीन की यात्रा के दौरान चीनी विदेश मंत्री वाग ली के साथ द्विपक्षीय वार्ता की. इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर को लेकर स्थिति साफ और कहा कि भारत ने जो फैसला लिया है वह उसका आंतरिक मामला है. जिससे ना चीन और ना ही पाकिस्तान, किसी की सीमा पर असर पड़ता है. तब चीन ने भी ऐसी ही हामी भरी थी. हालांकि बाद में चीन पलट गया और एक बार फिर से पाकिस्तान का साथ देने को खड़ा गया. उसके बाद तुरंत इस पर यूएनएससी को चर्चा के लिए पत्र लिख डाला.

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First published: 15 August 2019, 23:58 IST
 
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