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पाकिस्तान पर भारी पड़ सकती है ये गलती, रमजान के महीने में सामूहिक नमाज अदा करने की दी इजाजत

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 April 2020, 11:37 IST

Lockdown Update Pakistan: कोरोना वायरस (Corona Virus) की मार झेल रही पूरी दुनिया लॉकडाउन (Lockdown) में है जिससे कोविड-19 (COVID-19) के प्रसार को रोका जा सके, लेकिन हमेशा गलती करने वाला पाकिस्तान (Pakistan) एक बार फिर से गलती करने जा रहा है और ये गलती उसे बहुत भारी पड़ सकती है. दरअसल, पाकिस्तान ने रमज़ान के महीने में मस्जिदें खोलने और सामूहिक नमाज़ अदा करने की इजाजत दे दी है. ऐसे में माना जा रहा है कि कोरोना वायरस की इस महामारी के वक़्त में लॉकडाउन कर लोगों की भीड़ को इकट्ठा करना पाकिस्तान को भारी पड़ सकता है.

बता दें कि दुनियाभर में अब तक 2,407,439 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं और 165,073 लोगों की जान जा चुकी है. पाकिस्तान में भी कोरोना के 8,348 मामले सामने आ चुके है और यहां 168 लोगों की मौत भी हो चुकी है. आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान में अगर रमजान के महीने में मस्जिद खुली रहेंगी और लोग सार्वजनिक नमाज़ अदा करेंगे तो यहां कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ेगा. जिसे संभाल पाना पाकिस्तान के बस की बात नहीं है.


बता दें कि कोरोना वायरस को रोकने के लिए पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने भी लॉकडाउन किया है और मस्जिदों में सार्वजनिक नमाज़ पर भी रोक लगाई है. इस रोक को रमज़ान के महीने में भी लागू करने का ऐलान किया गया था. लेकिन पाकिस्तान के इस्लामिक ग्रुप सरकार से लगातार ये मांग कर रहे थे कि रमज़ान के पवित्र महीने में उन्हें मस्जिदों में नमाज अदा करने की इजाजत दी जाए.

इमरान सरकार को इस्लामिक ग्रुप्स की इन मांगों के सामने झुकना पड़ा और इस रोक को वापस ले लिया. बता दें कि 24 अप्रैल से इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र रमज़ान का महीना शुरु हो रहा है. इस महीने में शाम के वक्त दुनिया भर के मुसलमान मस्जिदों में एक साथ नमाज़ अदा करते हैं. पाकिस्तान के धार्मिक नेताओं के साथ सहमति बनी है कि 50 साल से ऊपर के लोग, बच्चे और जिनमें फ़्लू के लक्षण हैं उन्हें मस्जिदों में नहीं आने दिया जाएगा.

हालांकि, इस दौरान मस्जिदों से कार्पेट हटा दिए जाएंगे और फ्लोर हर दिन साफ़ किए जाएंगे. नमाज़ियों के बीच उचित दूरी रखनी होगी. फेस मास्क भी पहन सकते हैं. हाथ और गले मिलने पर पाबंदी रहेगी. वहीं प्रशासन की तरफ़ से कहा गया है कि अगर गाइडलाइन टूटी तो इस फ़ैसले पर विचार किया जा सकता है. इससे पहले पाकिस्तान में मस्जिदों में नमाज़ पर रोक थी और अगले आदेश तक प्रतिबंध लगा हुआ था. हालांकि इसका भी कम ही पालन हो रहा था.

बता दें कि पाकिस्तान के धार्मिक नेता रमज़ान के महीने में मस्जिदों में सार्वजनिक नमाज़ अदा करने पर भले ही अड़े रहे हों लेकिन दूसरी ओर सऊदी अरब की सबसे शीर्ष धार्मिक परिषद ने दुनिया भर के मुसलमानों से रमज़ान के पवित्र महीने के दौरान मस्जिदों में जाकर नमाज़ अदा न करने की अपील की है, ताकि कोरोनो वायरस के प्रसार को रोका जा सके. इसके अलावा इस्लाम के वरिष्ठ विद्वानों के परिषद ने कहा कि मुसलमानों को सभाओं से बचना चाहिए.

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First published: 20 April 2020, 11:21 IST
 
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