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'पाकिस्तान ने 3 RAW एजेंट्स को किया गिरफ़्तार'

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 April 2017, 14:32 IST
(सांकेतिक तस्वीर)

पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसने अपने कब्जे वाले कश्मीर से भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के तीन संदिग्ध जासूसों को गिरफ्तार किया है. पाकिस्तान के अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक तीनों संदिग्ध भारतीय जासूस चीन के इंजीनियरों, संवेदनशील स्थल और चीन पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) को निशाना बनाने की तैयारी में थे.

पाकिस्तान के जियो न्यूज के मुताबिक मोहम्मद खलील, इम्तियाज और राशिद को गिरफ्तार किया गया है. पाक मीडिया का दावा है कि भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ तीनों को पैसे भी दे रही थी. पुलिस का दावा है कि रॉ ने उन्हें अपने मिशन के लिए तैयार किया था.

पाकिस्तान के अखबार डॉन के मुताबिक पकड़े गए संदिग्ध एजेंटों को रावलकोट में मीडिया के सामने पेश किया गया. तीनों शख्स पीओके के अब्बासपुर में तरोटी गांव के रहने वाले हैं. तीनों के खिलाफ एंटी टेररिज्म एक्ट और एक्सप्लोसिव्स एक्ट के आरोपों के तहत केस दर्ज किया गया है. 

'रॉ अफसरों के संपर्क में थे तीनों एजेंट'

पाक मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक पुंछ के डीएसपी साजिद इमरान का कहना है, "पकड़े गए तीनों एजेंट ने खुलासा किया है कि वे रॉ के अफ़सर, मेजर रंजीत, मेजर सुल्तान और एक अन्य अफसर के संपर्क में थे."

पाक मीडिया से बातचीत में डीएसपी इमरान ने कहा, "प्रमुख संदिग्ध खलील नवंबर 2014 में कश्मीर अपने एक रिश्तेदार के घर आया था, वहीं वह रॉ अफसरों के संपर्क में आया. तीनों संदिग्ध सितंबर में अब्बासपुर में एक पुलिस स्टेशन के बाहर हुए एक बम धमाके में शामिल थे. वहां उन्होंने IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) रखा था. खलील को इस टास्क के लिए 5 लाख रुपए की पेशकश की गई थी."

'रॉ के निशाने पर CPEC'

डीएसपी इमरान का कहना है, "खलील के पास से पुलों, देवबंदी स्कूल के तहत आने वाली मस्जिदों, आर्मी और पुलिस के दफ्तरों की फोटो बरामद हुई हैं. इसके अलावा उसके पास से दो एक्टिव सिम कार्ड भी मिले हैं."

वहीं पुंछ डिवीजन के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल चौधरी सज्जाद के मुताबिक रॉ ने तीनों को कम्बाइन्ड मिलिट्री हॉस्पिटल्स चीन-पाक इकोनॉमिक कॉरिडोर से जुड़े प्रोजेक्ट्स, चीन के इंजीनियरों और सेंसिटिव लोकेशंस को टारगेट करने का जिम्मा सौंपा था. 

गौरतलब है कि कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान ने दस अप्रैल को जासूसी के आरोप में मौत की सजा सुनाई है. जाधव को मार्च 2016 में बलोचिस्तान के मश्केल से पकड़ा गया था. भारत का कहना है कि कुलभूषण जाधव ईरान के चाबहार में अपना कारोबार कर रहा था, जहां से पाकिस्तानी अधिकारियों ने उसे अगवा कर लिया.

First published: 15 April 2017, 14:32 IST
 
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