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पाकिस्तान में मुंबई हमले की जांच को बड़ा झटका

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 January 2016, 15:04 IST
QUICK PILL
  • इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने मुंबई हमले के मास्टरमाइंड जकीउर्रहमान लखवी समेत 6 अन्य आरोपियों की आवाज का नमूला लिए जाने की पाकिस्तान सरकार की याचिका को खारिज कर दिया है.
  • 26 नवंबर 2008 को मुंबई पर आतंकी हमला हुआ था जिसमें 166 लोग मारे गए थे. लश्कर-ए-तैयबा के ग्रुप कमांडर जकीउर्रहमान लखवी को इस आतंकी हमले का मास्टरमाइंड माना जाता है. लखवी फिलहाल जमानत पर बाहर है.

26 नवंबर को मुंबई पर हुए हमले के आरोपियों को कानून के दायरे में लाए जाने की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है. इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने पाकिस्तान सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड जकीउर्रहमान लखवी और छह अन्य संदिग्धों की आवाज का नमूना लिए जाने की मांग की थी. 

पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में याचिका देकर मुंबई हमलों के संदिग्धों के आवाज का नमूना लिए जाने की मांग की थी ताकि इसे भारतीय खुफिया एजेंसियों की तरफ से सौंपे गए संदिग्धों की आवाज से मिलान कर बतौर सबूत उसे एंटी टेररिज्म कोर्ट (एटीसी) में सौंपा जा सके. सरकार ने इस मामले में लखवी समेत 6 अन्य संदिग्धों की आवाज का नमूना लिए जाने की मांग की थी. कोर्ट ने सोमवार को यह याचिका खारिज कर दी.

2011 और 2015 में लखवी की आवाज का नमूना लिए जाने की मांग को ट्रायल कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि 'कोई भी ऐसा कानून नहीं है जो आरोपियों के आवाज का नमूना लिए जाने की अनुमति देता है.' सरकार का कहना था कि भारतीय खुफिया एजेंसियों ने मुंबई पर हुए हमलों के दौरान संदिग्धों और आतंकियों के बीच हुए बातचीत को रिकॉर्ड किया था और इसे बतौर सबूत स्वीकार करने के पहले आरोपियों की आवाज़ का नमूना लिया जाना अनिवार्य है.

भारतीय खुफिया एजेंसियों के मुताबिक सभी आरोपी भारत में आतंकियों को निर्देश दे रहे थे. अभियोजन पक्ष का कहना था कि जांच को अंतिम पड़ाव तक पहुंचाने के लिए लखवी समेत अन्य आरोपियों के आवाज का नमूना लिए जाने की जरूरत है.

ट्रायल कोर्ट ने अजमल कसाब और फहीम अंसारी को भी भगोड़ा घोषित किए जाने की याचिका को खारिज कर दिया था. 

पाकिस्तान सरकार ने लश्कर-ए-तैयबा के सात सदस्यों को मुंबई हमले की योजना बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया था. इनमें ग्रुप ऑपरेशन कमांडर जकीउर्रहमान लखवी भी शामिल था जो मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता है.

26 नवंबर 2008 को मुंबई पर हुए सिलसिलेवार आतंकी हमलों में 166 लोग मारे गए थे. लखवी को दिसंबर 2014 में जमानत मिल गई थी और इस वजह से उसे 10 अप्रैल 2015 को रिहा कर दिया गया. पाकिस्तान सरकार ने हालांकि लखवी को पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत हिरासत में रखे जाने की मांग की थी लेकिन लाहौर हाईकोर्ट ने सरकार की इस याचिका को खारिज कर दिया था. 

First published: 27 January 2016, 15:04 IST
 
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