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शरीफ ने सेना से कहा, आतंकियों को खत्म नहीं किया तो पड़ जाएंगे अलग-थलग

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 October 2016, 12:48 IST
(एजेंसी)

पाकिस्तान की नवाज शरीफ सरकार ने पहली बार इस्लामाबाद में सेना को सख्त लहजे में दो टूक चेतावनी दी है. हालांकि शरीफ ने ये बातें बंंद दरवाजे के पीछे कही. सूत्रों के मुताबिक उन्होंंने सेना को सीधा संदेश देते हुए कहा कि आतंकियों का जल्द ही सफाया नहीं किया गया तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान पूरी तरह से हाशिए पर चला जाएगा. इस बाबत पाकिस्तानी अखबार डॉन में विस्तृत खबर छपी है.

सरकार ने सेना से साफ कह दिया है कि जिन आतंकियों को कभी सेना ने पैदा किया था, अब उनके सफाए की जरूरत है. अगर ऐसा नहीं किया गया तो पूरी दुनिया में पाक एकदम अलग-थलग पड़ जाएगा.

इसके साथ ही पाक सरकार ने साफ कर दिया है कि आतंकी गुटों पर कार्रवाई में मिलिट्री और इंटेलिजेंस कोई दखलअंदाजी न करे. पाकिस्तान के अंग्रेजी समाचार पत्र ‘द डॉन’ के मुताबिक, पाकिस्तान में हुई हाईलेवल मीटिंग में दो एक्शन प्लान तय हुए.

पहले एक्शन प्लान के मुताबिक आईएसआई के डीजी जनरल रिजवान अख्तर और पाक एनएसए नसीर जंजुआ चारों राज्यों का दौरा करेंगे. वे वहां प्रॉविंशियल कमेटियों और आईएसआई के सेक्टर कमांडर्स से मिलेंगे.

इससे यह मैसेज देना है कि मिलिट्री की अगुआई में चलने वाली इंटेलिजेंस एजेंसियां आतंकी गुटों पर किसी भी तरह कार्रवाई में किसी तरह की दखलअंदाजी नहीं करेंगी. बताया जा रहा है कि रिजवान अख्तर तो लाहौर के दौरे पर निकल भी गए हैं.

इसके अलावा दूसरे प्लान के तहत पाक पीएम नवाज शरीफ ने साफतौर पर कहा है कि पठानकोट हमले की नए सिरे से जांच होगी.

बताया जा रहा है कि बीते दिनों पंजाब प्रांत के सीएम और नवाज शरीफ के भाई शहबाज शरीफ और रिजवान अख्तर के बीच जोरदार बहस हुई थी. ये फैसले उसी के बाद लिए गया है.

समाचार पत्र ने छापा है कि सोमवार को पाक विदेश सचिव एजाज चौधरी ने पीएमओ और सेना के अफसरों को अलग से ब्रीफ किया. इस मीटिंग में नवाज शरीफ भी शामिल थे. इसमें भारत के साथ हाल के घटनाक्रम और उसके बाद अन्य देशों के साथ डिप्लोमेटिक रिलेशंस को लेकर चर्चा हुई.

मीटिंग में चर्चा का सबसे प्रमुख मुद्दा यही था कि आतंकी घटनाओं के मद्देनजर पाकिस्तान पूरे विश्व बिरादरी में अलग-थलग पड़ चुका है. अमेरिका के मामले में एजाज चौधरी ने कहा, 'आतंकवाद को लेकर अमेरिका से हमारे रिश्तों में लगातार गिरावट आ रही है. इसकी वजह है कि अमेरिका कई बार हक्कानी समेत आतंकी नेटवर्क पर कार्रवाई की मांग कर चुका है.'

इसके साथ ही चौधरी ने यह भी कहा, 'इसके अलावा अमेरिका की यह मांग भी थी कि पठानकोट हमले की जांच पूरी की जाए और जैश-ए-मोहम्मद पर कड़ी कार्रवाई हो.'

चौधरी के मुताबिक पड़ोसी मुल्क चीन, हमारा समर्थन करता है, लेकिन अब वो भी जैश को लेकर हमारी रणनीति पर सवाल उठा रहा है.

इस पूरे मामले में शहबाज शरीफ ने शिकायत की थी कि जैसे ही अफसर आतंकी गुटों पर कार्रवाई करते हैं, मिलिट्री अफसर उन्हें छुड़ाने में लग जाते हैं.

इस मामले में एक सरकारी अफसर ने कहा, 'कोई कार्रवाई होती है या नहीं, ये देखने के लिए आपको नवंबर तक इंतजार करना होगा.' हालांकि आर्मी अफसरों ने कोई भी कमेंट करने से इनकार कर दिया है.

गौरतलब है कि उरी हमले के बाद भारत ने पाक को दुनिया से अलग-थलग करने की योजना बनाई थी. जिसके तहत भारत को उस समय बड़ी कामयाबी मिली, जब 8 नवंबर को प्रस्तावित सार्क समिट में पांच देशों ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाक का बायकॉट कर दिया था.

First published: 6 October 2016, 12:48 IST
 
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