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चिदंबरम: पाकिस्तान सरकार नहीं मानेगी कि दाऊद इब्राहिम वहां है

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 May 2016, 13:23 IST

मोस्ट वांटेड गैंगस्टर की सूची में शामिल दाऊद इब्राहिम को कथित रूप से एक मीडिया हाउस द्वारा सामने लाने के बाद इसी मीडिया की रिपोर्ट में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने दावा किया, "पाकिस्तान सरकार यह नहीं मानने जा रही कि दाऊद ने उनके देश में पनाह ली हुई है."

सीएनएन-न्यूज 18 द्वारा जारी एक स्टिंग ऑपरेशन में पहले बताया गया था कि दाऊद इब्राहिम कराची स्थित क्लिफटॉन के डी 13, ब्लॉक चार में रहता था. विशालकाय इस बंगले के चारों ओर भारी बैरिकेडिंग लगी हुई है. 

इस न्यूज चैनल द्वारा दाऊद के निवास के खुलासे पर प्रतिक्रिया देते हुए चिदंबरम ने कहा, "पाकिस्तान सरकार कभी भी दाऊद इब्राहिम को सौंपने नहीं जा रही. वे कभी यह भी नहीं स्वीकार करने जा रहे कि दाऊद ने उनके देश में पनाह ली हुई है और यहां तक कि अगर उन्होंने मान भी लिया तो भी वो उसे कभी नहीं सौंपने जा रहे."

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भारतीय खुफिया एजेंसियों को दाऊद इब्राहिम के ठिकाने का काफी पहले से पता है. अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स ने 2015 में खबर दी थी कि भारत के पास कराची स्थित क्लिफटॉन के ब्लॉक चार, डी-13 का टेलीफोन बिल है, जो दाऊद की पत्नी महजबीन के नाम पर था.

सीएनएन-न्यूज 18 की खबर में कांग्रेसी नेता ने भी अपने बयान में कहा, "पूरी दुनिया जानती है कि दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में रहता है. वास्तव में हमने इसकी जानकारी पाकिस्तान सरकार को भी दी थी. जाहिर है उन्होंने इसे मानने से मना कर दिया."

पाकिस्तान वास्तव में इनकार ही करता रहा. पाकिस्तान उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने भारत सरकार से पूछा, "अगर आपके पास दाऊद की कोई भी जानकारी है तो हमसे साझा करें."

चिदंबरम ने भी भारत सरकार के प्रयासों के बारे में बोला. उन्होंने कथित रूप से कहा कि दाऊद इब्राहिम को वापस न लाना पाना "भारत सरकार की असफलता नहीं थी. यह समस्या पाकिस्तान की है."

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दाऊद इब्राहिम पर चिदंबरम का बयान ऐसे वक्त में आया है जब विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सरकार पाकिस्तान से अंडरवर्ल्ड डॉन को वापस लाने में लगी हुई है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने गुरुवार को कहा, "संयुक्त राष्ट्र द्वारा दाऊद को वैश्विक आतंकी घोषित किए जाने के साथ ही वो भारत का भी भगोड़ा है. कई बार उसकी जानकारियों को पाकिस्तान के साथ बांटा गया और इसमें पाकिस्तान में उसकी संभावित लोकेशन भी शामिल थीं. हम इस मामले को जारी रखेंगे और उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान इस अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी को हमें सौंप देगा."

First published: 13 May 2016, 13:23 IST
 
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