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पाकिस्तान के नए PM ने भी किया आतंक का समर्थन, आतंकी हाफिज के संगठनों से हटाया बैन

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 October 2018, 11:23 IST

पाकिस्तान का आतंकवादी समर्थक चेहरा एक बार फिर से सामने आ गया है. एक तरफ भारत से शांति वार्ता की अपील करता पाकिस्तान अपने ही देश में पल रहे खूंखार आतंकी हाफ़िज़ सईद के संगठनों का समर्थन करता दिख रहा है. पाकिस्तान का आतंक को लेकर ये दोहरा चरित्र एक बार फिर से पूरी दुनिया एक सामने बेनकाब हो गया है.

पाकिस्तान में सत्ता बदलने के बाद भी आतंकवाद को लेकर उसका रवैया बदलता नहीं दिख रहा है. 26/11 हमलों के मास्टर माइंड आतंकी हाफ़िज़ सईद के जमात उद-दावा (JuD) और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन (FIF) को पाकिस्तान ने प्रतिबंधित संगठनों की सूची से हटा दिया है.

गौरतलब है कि पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति ने एक अध्यादेश जारी करके आतंकी हाफिज के संगठनों के खिलाफ यह ऐक्शन लिया था. लेकिन अब पाकिस्तान की सत्ता में काबिज हुए इमरान खान जो कि चुनावों के समय आतंक पर शिकंजा कसने के दावे कर रहे थे, उनके प्रधानमंत्री होते हुए आतंकी हाफ़िज़ के संगठनों पर से बैन हटा दिया गया है. आतंकवाद के इसी दोहरे रवैये के चलते पाकिस्तान को अमेरिका से मिलने वाली मदद पर भी रोक लग गई है.

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गौरतलब है कि पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने एक अध्यादेश जारी करते हुए आतंकवाद विरोधी अधिनियम 1997 में संशोधन किया था. संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद की लिस्ट में दर्ज आतंकियों के नाम और उनके संगठनों को बैन कर दिया गया था. JuD और FIF भी इसी अध्यादेश के जरिए प्रतिबंधित किए गए.

इमरान खान ने नहीं बढ़ाया प्रतिबन्ध

पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक यूएन लिस्ट में घोषित आतंकी हाफिज ने उस उसके संगठनों को बैन करने के अध्यादेश को चुनौती दी थी. अपनी याचिका में सईद ने दावा किया था कि अध्यादेश पाकिस्तान की संप्रभुता और संविधान के खिलाफ जारी किया गया.

सईद द्वारा दाखिल की गई याचिका के अनुसार, उसके वकील रिजवान अब्बासी और सोहेल ने इस्लामाबाद हाई कोर्ट को बताया कि अध्यादेश अब वैध नहीं है क्योंकि पाकिस्तान की मौजूदा इमरान खान की तहरीक-ए-इंसाफ सरकार ने इसे आगे नहीं बढ़ाया है

First published: 26 October 2018, 11:23 IST
 
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