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पाकिस्तान: इस्लामिक संस्था ने पति द्वारा पत्नी की पिटाई को जायज ठहराया

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 May 2016, 13:49 IST
(एजेंसी )

पाकिस्तानी में एक इस्लामिक संस्था ने अपनी शर्मनाक सलाह में बताया है कि पति किन-किन परिस्थितियों में अपनी पत्नी की पिटाई कर सकते हैं. सलाह के मुताबिक अगर पत्नियां अपने पति की आज्ञा को नहीं मानती हैं, तो पति के पास उसकी पिटाई का अधिकार है.

यह सलाह नए महिला संरक्षण विधेयक में राज्य से संबद्ध एक इस्लामिक संस्था की ओर से दी गई है.

‘द काउंसिल ऑफ इस्लामिक आइडियोलॉजी’ (सीआईआई) पाकिस्तान में एक संवैधानिक दर्जा प्राप्त संस्था है और यह संसद को इस्लाम के मुताबिक कानून बनाने के लिए प्रस्ताव देती है. पंजाब प्रांत में महिलाओं के खिलाफ हिंसक गतिविधि संरक्षण विधेयक (पीपीडब्ल्यूए) 2015 को गैर इस्लामी बताते हुए काउंसिल ने उस विधेयक को खारिज करते हुए यह विवादास्पद वैकल्पिक विधेयक तैयार किया है.

पाकिस्तानी समाचार पत्र एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक 163 पन्नों के इस विधेयक ने महिलाओं पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए जाने का शर्मनाक प्रस्ताव है. विधेयक के अनुसार यदि पत्नी अपने पति की बात नहीं मानती है और पति की इच्छा के मुताबिक कपड़े नहीं पहनती है, तो पति को पत्नी की पिटाई का अधिकार है.

इसके अलावा यदि महिला पति के साथ शारीरिक संबंध बनाने से मना करती है, तो भी पति अपनी पत्नी की पिटाई कर सकता है. प्रस्ताव में बताया गया है कि यदि कोई महिला हिजाब नहीं पहनती है, अजनबियों के साथ बात करती है, तेज आवाज में बोलती है और अपने पति की सहमति के बगैर लोगों की वित्तीय मदद करती है, तो पति उसकी पिटाई कर सकता है.

संस्था द्वारा प्रस्तावित विधेयक में प्राथमिक शिक्षा के बाद सह शिक्षा को प्रतिबंधित करने, सैन्य लड़ाई में महिलाओं के हिस्सा लेने, विदेशी प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत करने, पुरुषों से बात करने और अजनबियों के साथ जाने पर प्रतिबंध लगाने की भी सिफारिश की गई है.संस्था ने सलाह दी है कि महिला नर्सों को पुरूष रोगियों की देखभाल की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए और महिलाओं को विज्ञापनों में काम करने से प्रतिबंधित किया जाना चाहिए.

संस्था की सिफारिश में यह भी कहा गया है कि गर्भधारण करने के 120 दिनों बाद गर्भपात को हत्या घोषित किया जाए. हालांकि इसके साथ संस्था ने यह भी कहा है कि महिलाएं राजनीति में प्रवेश कर सकती हैं और माता-पिता की इजाजत के बगैर निकाह भी कर सकती हैं.

First published: 27 May 2016, 13:49 IST
 
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