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पाकिस्तान: कुलभूषण जाधव के पास फांसी के ख़िलाफ़ अपील के लिए 60 दिन का वक़्त

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 April 2017, 12:06 IST

पाकिस्तान ने भारतीय नेवी के पू्र्व अफसर कुलभूषण जाधव को तत्काल फांसी दिए जाने से इनकार किया है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने कहा है कि जाधव के पास फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल (एफजीसीएम) के फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए 60 दिन का वक़्त है. सैन्य अदालत ने जाधव को बलोचिस्तान और कराची में जासूसी के आरोप में मौत की सजा सुनाई है.

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने तत्काल फांसी दिए जाने की संभावना को खारिज कर दिया. पाकिस्तान के अखबार द डॉन के मुताबिक सीनेट में आसिफ ने कहा कि खुद को दोषी सुनाए जाने के बाद भी अभी उनके पास 60 दिन की मोहलत है. इसके अलावा सेनाध्यक्ष और राष्ट्रपति के पास वे सजामाफ़ी के लिए भी याचिका दाखिल कर सकते हैं.    

क्या कहता है पाक आर्मी एक्ट?

वहीं पाकिस्तान के आर्मी एक्ट 1952 की धारा 131 के मुताबिक कुलभूषण जाधव को 60 दिन के बजाए 40 दिन के अंदर अपील दाखिल करनी होगी. ख्वाजा ने साथ ही भारत के सुनियोजित हत्या के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि  इस मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया है. 

रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने साफ किया है कि पाकिस्तान के अंदर या सीमा पार से उसकी सुरक्षा और अखंडता के खिलाफ किसी भी साजिश को लेकर पाकिस्तान कोई रियायत नहीं बरतेगा.

इस मसले पर मंगलवार को भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि अगर उसने कुलभूषण जाधव को फांसी दी तो द्विपक्षीय संबंधों के साथ ही पाकिस्तान को गंभीर नतीजे भुगतने होंगे. 

तीन मार्च 2016 को हुई थी गिरफ़्तारी

कुलभूषण जाधव को तीन मार्च 2016 को पाकिस्तान के बलोचिस्तान से गिरफ्तार किया गया था. आरोप है कि जाधव उस वक्त मराठी में फोन पर बातचीत कर रहे थे. 10 अप्रैल को पाकिस्तान ने उन्हें मौत की सजा सुनाई है.

सेना के इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस ने प्रेस रिलीज के जरिए बताया था कि रॉ एजेंट और नेवल ऑफिसर कुलभूषण सुधीर जाधव उर्फ हुसैन मुबारक पटेल को बलोचिस्तान और कराची में विध्वंसक गतिविधियों में दोषी पाते हुए मौत की सजा दी गई है.

First published: 12 April 2017, 12:06 IST
 
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