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जंग पर जंगः पाकिस्तानी अखबार में नरगिस फाखरी के फोटो पर विवाद

लमत आर हसन | Updated on: 10 February 2017, 1:47 IST

पाकिस्तान के एक उर्दू अखबार 'जंग' के पहले पन्ने पर रविवार को बॉलीवुड अभिनेत्री नरगिस फाखरी के विज्ञापन ने एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है.

एक मोबाइल कंपनी के इस विज्ञापन में नरगिस फाखरी लाल रंग का गाउन पहने, एक हाथ में मोबाउल थामे लेटी हुई हैं.

इस विज्ञापन से उपजे आक्रोश की वजह क्या है. क्या यह इस्लाम के बारे में है? महिलाओं के अधिकारों के बारे में या फिर विज्ञापनों की नैतिकता के बारे में है?

अखबार के पहले पन्ने पर छपे एक मोबाइल ऑपरेटर मोबीलिंक की सेवाओं के इस विज्ञापन ने पाकिस्तानी पाठकों को खबरों से इतर केवल अभिनेत्री की फोटो तक ही सीमित कर दिया.

सबसे पहला विरोध

सोशल मीडिया पर इसे 'अश्लील' बताने में सबसे पहले जंग समूह में काम करने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार अंसार अब्बासी सामने आए.

उन्होंने ट्विटर पर इस विरोध का बिगुल फूंक दिया. उन्होंने लिखा, "आज जंग के फ्रंट पेज पर छपे बेतुके विज्ञापन के खिलाफ जंग समूह के शीर्ष प्रबंधन से मेरा कड़ा विरोध है."

इसके बाद एक के बाद एक कमेंट आने का सिलसिला शुरू हो गया. जल्द ही इस ट्विटर अभियान के निशाने पर विज्ञापनदाता भी आ गए. लोगों ने "समाचार पत्र को गंदा करने" के आरोप लगाते हुए कहा गया कि "यह प्लेबॉय की तरह लग रहा है", "आज उन्होंने नरगिस की तस्वीर छापी है कल वे सनी लियोन को दिखा देंगे."

ऐसा नहीं है कि इस विवाद में सिर्फ विरोध के ही सुर हों. कुछ लोगों ने इस विज्ञापन का बचाव भी किया. कुछ ने हल्के-फुल्के अंदाज में किया तो कुछ ने गंभीरता से उनका बचाव किया.

पाकिस्तानी टिप्पणीकार, फसी जाका ने ट्वीट किया

"यह तय हो गया कि अंसार अब्बासी ने नरगिस फाखरी को काफी तल्लीनता और बारीकी से देखा है तब जाकर उन्हें हराम बताया है. उन्हें सदबुद्धि मिले, कम से कम उन्होंने देखा."

mehar tweet edit

पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार ने ट्वीट किया

"फिल्म-टीवी पर हर वक्त महिलाओं को लेकर दिखाए जाने वाले विज्ञापन, आइटम सॉन्ग का भी विरोध करो. केवल एक नरगिस फाखरी के विज्ञापन पर ही इतना हंगामा क्यों."

इस ट्विटर अभियान के बाद सोमवार को अधिकांश पाकिस्तानी अखबारों ने मोबीलिंक का विज्ञापन लगाने से इनकार कर दिया.

एक व्यक्ति ने कहा, "मोबीलिंक को तमाम अखबारों द्वारा कह दिया गया कि वे अब उसका बेतुका विज्ञापन नहीं लगा सकते हैं. शुक्र है हमारा विरोध काम आया." 

वहीं, एक विरोधी का तर्क था कि उसका उद्देश्य पूरा हो गया.

तलत असलाम ने लिखा, "मुझे पता चला कि मेरी ट्विटर लिस्ट का हर दूसरा शख्स यही ट्वीट कर रहा था कि नरगिस फाखरी का फ्रंट पेज विज्ञापन, आपत्तिजनक है या नहीं. लेकिन इसने विज्ञापनदाता का मिशन तो पूरा हो गया."

इस विवाद से पाकिस्तानी और चेक मूल के माता-पिता की संतान नरगिस उलझन में नजर आ रही हैं. उन्होंने ट्वीट किया, "तारिक इलाही. अभी इस विज्ञापन को देखा और सोच रही हूं कि क्या सारा हंगामा मेरे विज्ञापन को लेकर है? यह एक किस्म की कला है."

बाद में जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि, "एक मॉडल या सेलिब्रिटी के रूप में, एक ब्रांड की आवाज लोगों तक पहुंचाने में मदद करने के लिए मैंने हमेशा अपने व्यक्तित्व का प्रयोग करने में विश्वास किया है लेकिन कभी भी कोई विज्ञापन केवल मेरे लुक्स पर ही आश्रित हो ऐसा नहीं किया."

"सांस्कृतिक रूप से भी मैं और मेरी टीम इस बात को समझती है कि किस माध्यम, बाजार और दर्शकों तक कौन सी छवि काम करेगी और इसका सम्मान भी करती है. इसलिए पाकिस्तानी बाजार में ब्रांड की मजबूत पैठ को देखते हुए, हमनें तस्वीरों को उचित ढंग से इस्तेमाल करने का निर्णय उनकी विशेषज्ञता पर छोड़ दिया."

हालांकि नरगिस पहली शख्सियत नहीं हैं जिन्हें पाकिस्तान में निंदा का विषय बना दिया गया.

nude Veena malik on FHM india magzine

साभारः एफएचएम

इससे पहले बिग बॉस रियलिटी शो में काम करने वाली पाकिस्तानी अदाकारा वीना मलिक को भी 2011 में ऐसे ही विवाद का सामना करना पड़ा था. जब एक हाथ में आईएसआई के टैटू वाली उनकी नग्न तस्वीर एफएचएम इंडिया मैग्जीन के पहले पन्ने पर छपी थी. 

बाद में वीना ने दावा किया था कि तस्वीर में तब्दीली की गई है. बहरहाल, इसके चलते उन्हें तालिबान द्वारा जान से मारने की की धमकी भी दी गई.

First published: 24 December 2015, 8:03 IST
 
लमत आर हसन @LamatAyub

संवाददाता, कैच न्यूज़

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