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पाकिस्तान: बलोचिस्तान में क्वेटा पुलिस ट्रेनिंग सेंटर पर आतंकी हमला, 59 की मौत

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 October 2016, 9:14 IST
(एएनआई)

पाकिस्तान के बलोचिस्तान प्रांत में बड़ा आतंकी हमला हुआ है. राजधानी क्वेटा में पुलिस ट्रेनिंग एकेडमी पर हुए आतंकी हमले में 59 लोगों की मौत हुई है, जिसमें कैडेट्स और पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं.

बताया जा रहा है कि हमले में 116 लोग घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक सोमवार देर रात क्वेटा की पुलिस ट्रेनिंग एकेडमी में तीन आतंकवादी घुस गए.

इस दौरान भारी गोलाबारी और फायरिंग हुई. पाकिस्तानी सैनिकों ने ऑपरेशन के दौरान एक आतंकी को मार गिराया, जबकि दो आत्मघाती आतंकियों ने खुद को बम से उड़ा लिया. मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है.

600 कैडेट थे मौजूद

ट्रेनिंग सेंटर के सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि आतंकी आपस में अफगानी में बात कर रहे थे. आतंकी लश्कर-ए-झांगवी के सदस्य बताए जा रहे हैं.

पाकिस्तान के इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के मुताबिक क्वेटा के सरियब रोड स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में देर रात करीब 11:30 बजे हथियारबंद आतंकी घुसे.

जिस वक्त हमला हुआ ट्रेनिंग सेंटर के हॉस्टल में 600 कैडेट मौजूद थे. आतंकियों ने उन्हें बंधक बना लिया. इसके बाद बंधकों को छुड़ाने के लिए पाकिस्तानी सेना ने ऑपरेशन चलाया.

तीन घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद पाक सैनिकों ने 200 से ज्यादा कैडेट को सुरक्षित निकाल लिया. घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इसके साथ ही अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित की गई है.

बलोचिस्तान के गृह मंत्री मीर सरफराज अहमद बुगती का कहना है, "इस तरह के आतंकी हमलों से निपटने के लिए हमारे सुरक्षाबल सक्षम हैं. कुछ दिन पहले ट्रेनिंग सेंटर में 700 कैडेट्स थे, इनमें से कुछ कैडेट्स हाल ही में पास होकर चले गए."

लश्कर-ए-झांगवी पर शक

फ्रंटियर कोर के महानिरीक्षक मेजर जनरल शेर अफगान का कहना है, "घिर जाने के बाद दो आतंकवादियों ने खुद को विस्फोटक से उड़ा लिया, जबकि एक आतंकवादी सुरक्षा बलों के साथ गोलीबारी में मारा गया. तीनों आतंकवादियों ने आत्मघाती जैकेट पहनी हुई थी."

शेर अफगान के मुताबिक माना जा रहा है कि तीनों आतंकी पाकिस्तानी तालिबान से जुड़े आतंकवादी संगठन लश्कर-ए झांगवी के अल अलीमी धड़े से थे. शेर अफगान का कहना है कि आतंकवादी अफगानिस्तान में अपने आकाओं के संपर्क में थे और उनसे निर्देश ले रहे थे.

अगस्त में सिविल अस्पताल पर हमला

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने चार घंटे में पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज को खाली कराया. एक दिन पहले ही मोटरसाइकिल पर सवार बलोच लिबरेशन आर्मी के अलगाववादी बंदूकधारियों ने ग्वादर बंदरगाह के पास जिवानी तटीय शहर में दो तटरक्षकों और एक नागरिक की गोली मारकर हत्या कर दी थी.

क्वेटा के सिविल अस्पताल में अगस्त में एक आत्मघाती बम हमले में 73 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर वकील थे. इस हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से अलग हुए एक समूह और इस्लामिक स्टेट ने ली थी.

First published: 25 October 2016, 9:14 IST
 
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