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बलोच नेता ब्रह्मदग बुग्ती को प्रत्यर्पण कराने के लिए इंटरपोल की मदद लेगा पाकिस्तान

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 September 2016, 14:00 IST
QUICK PILL
  • पाकिस्तान के गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान ने कहा है कि वह इंटरपोल से बलोच अलगाववादी नेता ब्रह्मदग बुग्ती को पाकिस्तान प्रत्यर्पित करने के लिए कहेंगे. 
  • वैश्विक मंच पर बलोचिस्तान में पाकिस्तान के दमन के खिलाफ आवाज उठाने वाले बलोच रिपब्लिकन पार्टी के प्रमुख ब्रह्मदग बुग्ती पाकिस्तान सरकार के निशाने पर हैं. संयुक्त राष्ट्र महाधिवेशन में जब नवाज शरीफ कश्मीर मुद्दे का जिक्र कर रहे थे तब वहां बलोच कार्यकर्ता पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे.
  • बुग्ती के राजनीतिक शरण के आवेदन पर भारत का गृह मंत्रालय विचार कर रहा है. बुग्ती नवाब अकबर बुग्ती के पोते हैं जिन्हें पाकिस्तान की सेना ने 2006 में मार गिराया था. नवाब अकबर बुग्ती की हत्या के बाद से ब्रह्मदग स्विट्जरलैंड में रह रहे हैं. 

पाकिस्तान के गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान ने कहा है कि वह इंटरपोल से बलोच अलगाववादी नेता ब्रह्मदग बुग्ती को पाकिस्तान प्रत्यर्पित करने के लिए कहेंगे. वैश्विक मंच पर बलोचिस्तान में पाकिस्तान के दमन के खिलाफ आवाज उठाने वाले बलोच रिपब्लिकन पार्टी के प्रमुख ब्रह्मदग बुग्ती पाकिस्तान सरकार के निशाने पर हैं.

बुग्ती फिलहाल स्विट्जरलैंड के जिनेवा में रह रहे हैं और उन्होंने हाल ही में जिनेवा स्थित भारतीय दूतावास जाकर भारत में शरण दिए जाने संबंधी प्रक्रिया के बारे में औपचारिक तौर से पूछताछ की थी. जिनेवा ने बुग्ती को अपने यहां शरण देने से मना कर दिया है.

एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने निसार अली खान के हवाले से लिखा है, 'संघीय जांच एजेंसी अगले कुछ दिनों में बुग्ती को पाकिस्तान प्रत्यर्पित किए जाने के बारे में इंटरपोल को लिखेगी.' 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बलोचिस्तानन और गिलगित बाल्तिस्तान में मानवाधिकार हनन का मुद्दा उठाए जाने के बाद बुग्ती ने उनका आभार जताते हुए कहा था कि वह बलोचिस्तान के लोगों को समर्थन देने के बदले उनका आभार व्यक्त करते हैं. 

बुग्ती ने कहा था कि बलोच लोगों को समर्थन दिए जाने की मोदी की घोषणा भारत सरकार का बेहद अहम फैसला है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के बलोचिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघन का जिक्र किए जाने के बाद पाकिस्तान को दुनिया के सामने बलोचिस्तान में की जा रही क्रू रता का जवाब देना होगा. बुग्ती ने यह उम्मीद जताई थी कि पीएम मोदी बलोचिस्तान के मुद्दे को अंतररारष्ट्रीय मुद्दे पर उठाएंगे.

संयुक्त राष्ट्र के महाधिवेशन में जब पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ जम्मू-कश्मीर का जिक्र कर रहे थे तब उनके खिलाफ बुग्ती की अगुवाई में बलोच कार्यकर्ता बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.

बुग्ती ने कहा, 'हम पाकिस्तान के साथ अब नहीं रह सकते क्योंकि उसने हमें मूलभूत अधिकारों से वंचित कर रखा है.'

बुग्ती समेत अन्य बलोच नेता वैश्विक मंच पर पाकिस्तान की शर्मिंदगी का सबब बनते रहे हैं. मोदी के बलोचिस्तान का जिक्र किए जाने के बाद अब दुनिया का ध्यान बलोच आंदोलन की तरफ गया है और पाकिस्तान के लिए यह बड़ा झटका है.

विचार कर रहा भारत

बुग्ती के राजनीतिक शरण के आवेदन पर भारत का गृह मंत्रालय विचार कर रहा है. बुग्ती नवाब अकबर बुग्ती के पोते हैं जिन्हें पाकिस्तान की सेना ने 2006 में मार गिराया था. नवाब अकबर बुग्ती की हत्या के बाद से ब्रह्मदग स्विट्जरलैंड में रह रहे हैं. 

हालांकि इस्लामाबाद का मानना रहा है कि बुग्ती को अफगानिस्तान के रास्ते स्विट्जरलैंड भगाने में भारत सरकार ने उसकी मदद की. पाकिस्तान की सरकार वैसे भी बलोच समस्या के लिए भारत को जिम्मेदार बताती रही है. 

बुग्ती के भारत में शरण मांगे जाने के बारे में पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह इस बात की पुष्टि करता है कि भारत बलोचिस्तान में आतंक को भड़काने में लगा हुआ है. 

इसके साथ ही निसार अली ने उरी हमले में पाकिस्तान की भूमिका को बेबुनियाद बताया. उन्होंने कहा, 'भारतीयों के पास कोई सबूत नहीं है. तो फि र पाकिस्तान कैसा जांच करेगा? वह बस हमें बदनाम करने के लिए हमें आरोपी ठहरा रहे हैं.' उरी हमले में भारतीय सेना के 18 जवान शहीद हो चुके हैं.

First published: 24 September 2016, 14:00 IST
 
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