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पाकिस्‍तानी सेना ने बुद्ध प्रतिमा का किया विध्‍वंस, इमरान सरकार को झेलनी पड़ रही शर्मिंदगी

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 July 2020, 10:01 IST

Buddha Statue demolishes in Pakistan: पाकिस्तानी सेना ने एक पुरानी बौद्ध प्रतिमा का विध्वंस कर दिया. इसके बाद इमरान खान सरकार को फजीहत झेलनी पड़ रही है. पाकिस्तानी सेना की इस कायराना हरकत के बाद अल्‍पसंख्‍यक हितों के मामलों को लेकर इमरान खान सरकार पूरी दुनिया समेत अपने देश में ही कटघरे में है. पाकिस्तान में उदारवादी लोग इमरान सरकार पर हमलावर हैं.

उदारवादियों का कहना है कि पाकिस्तानी सेना ने अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिए समाज में कट्टरता को सक्रिय रूप से बढ़ा दिया है. दूसरे धर्म के लोगों के लिए पाकिस्तान में बहुत कम जगह बची है. यह पहली बार नहीं है पाकिस्तान में इस तरह की कायराना हरकत सामने आई है. पिछले माह भी गिलगित-बाल्टिस्तान में बौद्ध स्मारक पर तोड़फोड़ की गई थी.

भारत जता चुका है पाकिस्तान के सामने ऐतराज

इस खबर के सामने आने के बाद भारत ने पाकिस्तान के समक्ष ऐतराज जताया था. भारत ने पाकिस्तान को दो टूक कहा था कि पड़ोसी देश प्राचीन सभ्यताओं और सांस्कृतिक धरोहरों पर हमले रोके. भारत ने यह भी कहा है कि पाकिस्तान जल्दी से जल्दी वह इलाका खाली कर दे.

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इससे पहले इस्लामाबाद में एक मंदिर का निर्माण हो रहा था, जिसे इस्लामवादियों के दबाव में आकर बंद कर दिया गया था. यह मंदिर सहिष्णुता का प्रतीक माना जाता रहा है, लेकिन पाकिस्तान के मुस्लिम मौलवियों ने फैसला किया कि कोई हिंदू मंदिर नहीं बनाना चाहिए. उनका कहना था कि पाकिस्तान एक मुस्लिम देश है.

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों का होता है उत्पीड़न

यह तो सर्वविदित है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की धार्मिक भावनाओं को आहत किया जाता रहा है. अल्पसंख्यक समाज के उत्‍पीड़न के लगातार मामले सामने आते रहे हैं. इसमें पाकिस्तानी अधिकारियों की भी मौन स्वीकृति रहती है. इससे पहले कई धार्मिक असहिष्णुता के मामले सामने आ चुके हैं.   

पाकिस्तान का तख्तबाई इलाका श्रीलंका, कोरिया और जापान के लोगों के लिए धार्मिक पर्यटन स्थल है. यह क्षेत्र उपमहाद्वीप के इतिहास में गांधार सभ्यता की शुरुआती शहरी बसावटों में है. खैबर-पख्तूनख्वा के पुरातत्व विभाग के निदेशक ने घटना पर चिंता जताई. इसके आगे उन्होंने कहा कि बुद्ध की दुर्लभ प्रतिमा तोड़ने को लेकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि खैबर-पख्तूनख्वा का प्राचीन नाम गांधार है. 

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First published: 20 July 2020, 10:01 IST
 
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