Home » इंटरनेशनल » pakistani court order to citizen for declare their religion for applying government job
 

पाकिस्तान में सरकारी नौकरी के लिए बताना होगा धर्म, इस समुदाय की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 March 2018, 13:22 IST

पाकिस्तान में सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने के लिए अब धर्म बताना अनिवार्य होगा. पाकिस्तान की एक अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पहचान दस्तावेज सहित सरकारी नौकरी के लिए आवेदन देते समय सभी नागरिकों को अनिवार्य रूप से अपना धर्म बताना होगा. अदालत के इस फैसले को मानवाधिकार संगठनों ने देश के अल्पसंख्यक समुदाय को झटका करार दिया है. वहीं अदालत का यह फैसला मुस्लिम बहुल देश के कट्टरपंथी तबके के लिए बड़ी जीत जैसा है.

 

बता दें कि ये फैसला इस्लामाबाद हाई कोर्ट के जज शौकत अजीज सिद्दीकी ने सुनाया. जस्टिस सिद्दीकी ने शपथ से जुड़े एक मामले खत्म--नबुव्वत की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया. जज सिद्दीकी ने कहा कि यह सभी पाकिस्तानियों के लिए अनिवार्य है कि वे सिविल सर्विस, आर्म्ड फोर्सेज या न्यायपालिका के लिए शपथ से पहले अपने धर्म का खुलासा करें.

ये भी  पढ़ें- 'सनकी तानाशाह' किम जोंग से मई में मिलेंगे डोनाल्ड ट्रम्प, साउथ कोरिया ने दी जानकारी

बता दें कि कोर्ट के इस फैसले से अहमदी समुदाय पर और दबाव बढ़ सकता है. क्यों कि पाकिस्तान में इस समुदाय को खुद को मुस्लिम कहने की अनुमति नहीं है. उन्हें अपने धार्मिक कार्यो में इस्लाम के प्रतीकों के इस्तेमाल की इजाजत नहीं है. ऐसा करना पाकिस्तान के ईश निंदा कानून के तहत दंडनीय अपराध माना जाता है. कोर्ट ने ये भी कहा कि अपनी धार्मिक पहचान छिपाने वाले नागरिक सरकार को धोखा देने के दोषी हैं.

First published: 10 March 2018, 13:22 IST
 
अगली कहानी