Home » इंटरनेशनल » Pakistani Terrorist Jabibullah Hamja reveled that hafiz saeed zakir oman naqvi organised training of Terrorist
 

पाक आतंकी का कबूलनामा, हाफिज सईद और ओमान नकवी दे रहा है मरने-मारने की ट्रेनिंग

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 May 2018, 10:10 IST

रमजान का महीना चल रहा है ऐसे में भारत ने मिलिट्री ऑपरेशन पर रोक लगा दी है लेकिन दूसरी ओर पाकिस्तान हर दिन नापाक हरकत कर रहा है. पाकिस्तान रमजान के पवित्र महीने में भी अपनी नापाक चालें चलने से बाज नहीं आ रहा. इस बीच जम्मू कश्मीर में पकड़े गए पाकिस्तान के आतंकी जबीउल्ला हमजा ने बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है.

पाकिस्तानी आतंकी जबीउल्ला हमजा ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान में आतंकियों को ट्रेनिंग दे जा रही है. पाकिस्तान में 26/11 हमले के गुनहगार हाफिज सईद और जाकिर ओमान नकवी आतिंकियों को ट्रेंड कर रहे हैं. जबीउल्ला हमजा ने बताया कि हाफिज और ओमान द्वारा बनाए जा रहे इन आतंकियों में से करीब 450 आतंकी ऐसे हैं जो मरने और मारने को तैयार हैं.

जबीउल्ला हमजा ने बताया, "मैंने पहले लश्कर के कैंप में 21 दिन की ट्रेनिंग की. उसके बाद पांच महीने के दौरा-ए-खास पर हम मुजफ्फराबाद गए. पहले दो महीने हम दखन में रहे, उसे बाद दो महीने वॉर में रहे, आखिरी के एक महीने में अक्सा में रहा.'" जबीउल्ला हमज़ा की उम्र महज 20 साल है और वह मुल्तान पाकिस्तान का रहने वाला है.

हमजा ने बताया ट्रेनिंग के दौरान उसकी मुलाकात एक बार हाफिज सईद और जाकिर ओमान नकवी से भी हुई. जाकिर ओमान नकवी ने हमें बताया कि जेहाद के दौरान डटे रहना है. उसके बाद पिछले साल मई में हमारा लश्कर हुआ और हमारी बर्फानी ट्रेनिंग हुई. ये ट्रेनिंग तकरीबन दो महीने चली.

जबीउल्ला हमजा ने आगे बताया, "इसके बाद हमने इंडिया की पोस्ट का चक्कर लगाया लेकिन हम बॉर्डर क्रॉस नहीं कर पाए. इंडियन आर्मी ने फायरिंग की इसलिए हम वापस आ गए. इसके बाद हमने एक बार और कोशिश की, हम भारत की डेंगवाली पोस्ट पर गए. हमारे कुछ साथी बॉर्डर क्रॉस कर गए और हम वापस आ गए."

ये भी पढ़ेंः मेजर गोगोई मामला: युवती की मां ने मेजर पर लगाए गंभीर आरोप, होटल से लिए गए थे हिरासत में

"तीसरी बार हम भारत की चट्टा बट्टा पोस्ट पर गए माइंस लेकर गए. अगले दिन ये माइन ब्लास्ट कर गई, इसमें भारतीय फोर्स के दो जवान मारे गए. तीन दिन बाद जब सेना सर्च ऑपरेशन के लिए आई तो हमने दूसरी माइन भी ब्लास्ट करने की कोशिश की. हमारे रिमोट के सेल खत्म हो गए तो हम माइन वहीं छोड़कर चले गए."

आतंकी ने यह भी बताया कि वो यहीं तक सीमित नहीं हुए और इसके बाद उन्होंने फिर दो बार बॉर्डर पार करने की कोशिश की लेकिन क्रॉस नहीं कर पाए. आतंकी हमजा ने बताया, "इसके बाद में जुम्मागढ़ नाले के पास से बाढ़ काट कर कोशिश की. हम मुफ्फराबाद से तेंजियां गांव के पास भारतीय बॉर्डर की बाढ़ काटी और कुपवाड़ा पहुचें. हमारे साथ पांच गाइड थे जो वापस चले गए.''

जबीउल्ला ने ये भी बताया कि पाकिस्तानी सेना को एक भारतीय हेलीकॉप्टर मार गिराने पर उमरा का टिकट और लाखों रुपया मिलते हैं. जबीउल्ला हमजा ने इस बात की भी पुष्टि की कि लश्कर के लिए फंडिंग एफआईएफ के बैनर तले होती है. एफआईएफ वर्मा और कश्मीर के मजलूम मुसलमानों के नाम पर पैसा मांगती है, यहां से सीधा पैसा लश्कर को जाता है.

First published: 25 May 2018, 10:10 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी