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पेरिस: वो शहर जहां प्यार चढ़ता है परवान, लेकिन 3 साल में छठी बार हुआ लहूलुहान

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 April 2017, 11:49 IST

पेरिस यानी प्यार और रोमांस का शहर...प्रेमी जोड़ों का शहर...दुनिया का ऐसा रोमांटिक शहर जहां प्यार परवान चढ़ता है. पेरिस के ख़ूबसूरत नज़ारे को हॉलीवुड ही नहीं बॉलीवुड की कई फ़िल्मों में आप सिल्वर स्क्रीन पर देखते रहे हैं. 

रणबीर कपूर ने फ़िल्म 'ये जवानी है दीवानी' में एक ऐसे वीडियोग्राफर का रोल किया था, जो पूरी दुनिया को एक्सप्लोर करना चाहता है. इस फ़िल्म के एक गाने इलाही में वो पेरिस की गलियों में दिखे. लंदन ड्रीम्स में तो सलमान ख़ान असिन को एफिल टावर के सामाने प्रपोज करने की स्टाइल में नज़र आते हैं. 

लेकिन बॉलीवुड की फिल्मों से उलट आज का पेरिस आतंकी हमलों के बाद जुदाई का शहर बनता नज़र आ रहा है. आतंकी हमले में कई लोगों ने अपने उन करीबियों को खोया है, जिन्हें वो दिलो-जान से प्यार करते थे. फ्रांस की राजधानी पेरिस में पहली बार आतंक ने तीन साल पहले दस्तक दी थी. शनिवार को हुआ हमला इस ख़ौफ़नाक सिलसिले की छठी कड़ी है. 

एजेंसी

पेरिस में तीन साल में हुए आतंकी हमले

पेरिस में आतंकी हमलों का सिलसिला सात जनवरी 2015 को शुरू हुआ था, जब व्यंग्य के जरिए अपनी बात कहने वाली मैगजीन शार्ली एब्दो के पत्रकारों को निशाना बनाया गया. पैगंबर मोहम्मद के एक कार्टून को मैगजीन ने छापा था. दो भाइयों के इस हमले में 11 लोगों की मौत हो गई थी. शार्ली एब्दो के दफ्तर पर हमले से कुछ देर पहले ट्विटर अकाउंट से किया गया आखिरी ट्वीट चर्चा का विषय रहा.

पत्रिका के आधिकारिक ट्विटर हैंडल की तरफ से ट्वीट किए गए कार्टून के कैप्शन में लिखा गया,. "बेस्ट विशेज, टु यू टू अल-बगदादी (आप सभी को शुभकामनाएं, अल-बगदादी तुम्हें भी)." फ्रांसीसी समय के हिसाब से यह ट्वीट बुधवार सुबह किया गया था. मीडिया में हमले की खबरों के आने से पहले इसे पोस्ट किया जा चुका था.

ट्विटर

13 नवंबर 2015

फ्रांस के इतिहास में सबसे बड़ा आतंकी हमला हुआ. पेरिस शहर में आईएसआईएस आतंकियों के अलग-अलग हमले में 130 लोगों की मौत हो गई. इसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद फ्रांस की सबसे बड़ी त्रासदी करार दिया गया. 

जिहादी सेल के सदस्य सालेह अब्देसलाम को फ्रेंच सुरक्षा एजेंसियों ने हमले का मास्टरमाइंड करार दिया. 27 साल का अब्देसलाम कई महीनों तक यूरोप में सर्वाधिक वांछित भगोड़ा था. उसे बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स के पास मोलेनबीक से 18 मार्च 2016 को गिरफ्तार किया गया था.

27 अप्रैल को फ्रांस के हवाले किए जाने के बाद से वो पेरिस के दक्षिण पूर्व में फ्लेयुरी मेरोगिस जेल में बंद है. ऐसा माना जा रहा है कि आईएस के संदिग्ध सरगना अब्देल हामिद अबाउद के बचपन के दोस्त अब्देसलाम ने 13 नवंबर की रात को हमले से पहले पूरी प्लानिंग की.

 

सालेह अब्देसलाम को नवंबर में हुए पेरिस आतंकी हमले का मास्टरमाइंड बताया जाता है.

13 जून 2016

इस हमले से पेरिस शहर अभी उबर भी नहीं पाया था कि ठीक सात महीने बाद 13 जून 2016 को आतंक ने एक बार फिर पेरिस को लहूलुहान कर दिया. पेरिस में दो पुलिस अधिकारियों की उनके घर में ही आठ साल के उनके बच्चे के सामने हत्या कर दी गई. आईएस ने हमले का दावा किया और लारोसी आबाला नाम के शख्स ने 12 मिनट की एक वीडियो रिकॉर्डिंग भी जारी की थी. 

3 फरवरी 2017

एक शख्स हाथ में सुटकेस लिए पेरिस के मशहूर लोउवर्रे म्यूजियम में घुसने की कोशिश करते हुए फायरिंग की. म्यूजियम में घुसने के दौरान उस शख्स ने अरबी भाषा में अल्लाहो-अकबर के नारे लगाए और सुरक्षाबलों के रोकने पर उन पर चाकू से हमला कर दिया. सुरक्षा बलों की जवाबी फायरिंग में उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई. उसका मकसद ऐतिहासिक आर्ट गैलरी को नुकसान पहुंचाना था. 

18 मार्च 2017 

पेरिस के ओर्ली एयरपोर्ट पर तैनात एक सैनिक की बंदूक छीनने की कोशिश कर रहे एक शख्स को सुरक्षाकर्मियों ने मार गिराया. ज़ियेद बेन बेलगासेम नाम के इस शख्स ने एक सुरक्षाकर्मी पर ये कहते हुए हमला किया कि वो अल्लाह के लिए मरना चाहता है. 39 साल का ये व्यक्ति पेरिस में हुई गोलीबारी और कार चुराने की घटना में भी शामिल था.

एजेंसी

21 अप्रैल 2017  

फ्रांस की राजधानी पेरिस में राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले आतंकी हमला हुआ. रविवार को यहां राष्ट्रपति चुनाव हैं. सेंट्रल पेरिस के शां एलीजे में संदिग्ध हमलावर ने पुलिस की बस को निशाना बनाया. इकलौते हमलावर ने पुलिस वालों पर फायरिंग कर दी. हमले में घायल एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई, जबकि संदिग्ध हमलावर को भी सुरक्षाबलों ने मार गिराया है.

इस्लामिक स्टेट की समर्थक समाचार एजेंसी अमाक ने अपनी वेबसाइट पर बंदूकधारी को आईएस का लड़ाका बताया. अमाक के मुताबिक हमलावर का नाम अबू यूसुफ अल बलजिकी है. 

फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसवा ओलांद का कहना है कि यह एक आतंकी हमला था. फ्रांस में कट्टरपंथी इस्लामिक आतंकवाद एक बड़ी समस्या बनकर उभर रहा है. समाचार एजेेंसी एएफपी के मुताबिक पिछले दो साल के दौरान यहां हुए जिहादी हमलों में 238 लोगों की मौत हो चुकी है. 

एएफपी
First published: 21 April 2017, 11:45 IST
 
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