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पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट में कुलभूषण जाधव को जल्द फांसी देने की याचिका

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 May 2017, 14:06 IST

कथित भारतीय जासूस कुलभूषण जाधव को लेकर पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दर्ज की गई है, जिसमें याचिकाकर्ता ने उसे जल्द फांसी देने की मांग की है.

शनिवार को पूर्व सीनेट एडवोकेट फारूक नाईक ने मुजामिल अली की ओर से यह याचिका दायर की. इसमें मांग की गई है कि अंतरराष्ट्रीय कोर्ट द्वारा जाधव की सजा-ए-मौत पर लगाया गया प्रतिबंध मानने के लिए पाकिस्तान बाध्य नहीं है.

याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया कि पहले कुलभूषण जाधव को सैन्य अदालत द्वारा दोषी ठहराया गया और इसके खिलाफ उसने कोई अपील भी नहीं की. इसलिए कुलभूषण जाधव को तत्काल फांसी दी जानी चाहिए.

इतना ही नहीं याचिका दायर करने वाले की ओर से दलील दी गई कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता.

 

कुलभूषण जाधव को लेकर पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसे मार्च 2016 में बलूचिस्तान में हिरासत में लिया गया था. वहीं, इसके विपरीत भारत की दलील है कि जाधव ईरान में अपने व्यवसाय के सिलसिले में थे और वहां से पाकिस्तान ने उन्हें अपहृत कर उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कर लिया.

इसके बाद बीते 10 अप्रैल को पाकिस्तान की सैन्य अदालत द्वारा भारत के पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव को जासूसी व संदिग्ध गतिविधियों के चलते फांसी की सजा सुनाई गई थी.

इसके बाद मामला अंतरराष्ट्रीय अदालत पहुंचा जहा 18 मई को अदालत द्वारा जाधव की फांसी पर रोक लगाने का फैसला सुनाया गया.

इस बाबत पाकिस्तान ने कुलभूषण द्वारा आरोपों के कबूलनामे का मुद्दा उठाते हुए कहा गया कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय अदालत का गलत प्रयोग किया है. इस बारे में भारत का कहना है कि जाधव का कबूलनामा, पाकिस्तान द्वारा जबरन लिखवाया गया है.

दूसरी तरफ, आईएसआई के पूर्व अधिकारी और पाकिस्तान सेना के लेफ्टीनेंट जनरल अमजद शौहैब ने भारत के उस दावे पर हामी भरी थी कि जाधव को ईरान से पकड़ा गया था.

First published: 28 May 2017, 14:06 IST
 
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