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चीन ने अरुणाचल और PoK को नक्शे में दिखाया था भारत का हिस्सा, 24 घंटे में पलटा

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 April 2019, 12:10 IST

चीन में बेल्ट ऐंड रोड समिट की वेबसाइट से उस नक्शे को हटा लिया गया है जिसमें अरुणाचल प्रदेश और PoK को भारत का हिस्सा दिखाया गया था. शुक्रवार से चीन की राजधानी बीजिंग में शुरू हो रहे BRI के दूसरे समिट में चीन ने एक नक्शे में पूरे जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश को भारत का हिस्सा दिखाया था.

चीन के इस नक्शे को देखकर पूरी दुनिया हैरान रह गई थी, लेकिन अब ड्रैगन ने अपना असली रंग दिखाते हुए अपने इस फैसले को पलट लिया और वह नक्शा हटा लिया. बता दें कि BRI चीन के वर्तमान राष्ट्रपति शी जिनपिंग की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है. इसका मकसद चीन के निवेश से बुनियादी परियोजनाओं का विकास करना और दुनियाभर के सामने ड्रैगन का प्रभुत्व बढ़ाना है.

सर्वविदित है कि चीन अरुणाचल प्रदेश पर अपना हक जमाने की कोशिश करता है. लेकिन इस नक्शे में जब चीन ने पूरे जम्मू-कश्मीर(PoK भी) और अरुणाचल प्रदेश को भारत का हिस्सा दिखाया तो बहुत हैरानी हुई थी. यह नक्शा चीन की कॉमर्स मिनिस्ट्री ने जारी किया था. इससे पहले चीन ने ऐसे हजारों नक्शे नष्ट किए थे, जिनमें अरुणाचल को भारत का हिस्सा दिखाया जाता रहा है.

बता दें कि बीजिंग में BRI समिट तीन दिन तक चलने वाला है. BRI के दूसरे समिट में भारत को भी आमंत्रित किया गया था लेकिन भारत ने इसका बहिष्कार किया है. साल 2017 में पहले समिट का भी भारत ने बहिष्कार किया था. इस बार समिट में 37 देश शामिल हो रहे हैं.

भारत इस समिट का इसलिए विरोध कर रहा है, क्योंकि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को भारत अपनी संप्रभुता का उल्लंघन मानता है. बीजिंग में तीन दिन तक चलने वाले BRI के दूसरे समिट का भारत ने बहिष्कार किया है. चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानि PoK से गुजरता है.

भारत पीओके को अपना हिस्सा मानता है और मानता है कि उस पर पाकिस्तान ने अवैध कब्जा कर रखा है. भारत का कहना है कि बिना हमारी इजाजत के चीन पीओके से आर्थिक गलियारा नहीं बना सकता. 

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First published: 27 April 2019, 12:10 IST
 
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