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रिटायर्ड टीचर ने लगाई ट्रम्प की 'इंग्लिश' क्लास, व्हाइट हाउस का लेटर बना वजह

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 May 2018, 17:08 IST

अमेरिका की महिला ने व्हाइट हाउस की ओर से मिले एक पत्र में तमाम खामिया निकाल दीं. यही नहीं इस महिला ने इस पत्र को सही कर वापस व्हाइट हाउस भेज दिया. ये अपने आप में एक अलग तरह का मामला है. क्यों कि दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका के राष्ट्पति की ओर से जारी पत्र में अंग्रेजी ग्रामर संबंधी गलतियां हो.

दरअसल, यवोन मेसन नाम की एक महिला को व्हाइट हाउस की ओर से एक पत्र मिला था. जब यवोन ने इस पत्र को पढ़ा तो उन्हें इसमें व्याकरण संबंधी कई अशुद्धियां दिखाई दी. यवोन ने इस पत्र की सभी गलतियों को ठीक किया और पत्र को वापस व्हाइट हाउस भेज दिया. बता दें कि यवोन अमेरिका के अटलांटा में रहती हैं और वो दक्षिण कैरोलिना के एक हाईस्कूल में 17 साल तक अंग्रेजी की टीचर रही हैं. लेकिन अब वो रिटायर हो चुकी है.

यवोन मेसन बताती हैं कि उन्हें अमेरिका के राष्ट्रपति की ओर से एक पत्र मिला था. जिसमें व्याकरण संबंधी कई गलतियां थीं. उन्होंने इन गलतियों को सही किया और वापस व्हाइट हाउस भेज दिया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर वाले इस पत्र में राष्ट्रपति और स्टेट जैसे कई अंग्रेजी शब्दों में गलतियां देखी गई. हालांकि ये गलतियां मामूली थी जो सिर्फ अंग्रेजी कैपिटल लैटर और स्मॉल लैटर से संबंधित थी.

 

'हिल' की खबर के मुताबिक, मेसन ने दक्षिण कैरोलिना के ग्रीनविले न्यूज को बताया कि, “अगर इस पत्र को किसी मिडिल स्कूल में लिखा गया होता तो वो मैं इसे सी या सी प्लस नंबर देती. वहीं अगर ये पत्र हाईस्कूल में लिखा गया होता तो मैं इसे डी ग्रेड देती.”

यवोन ने समाचार पत्र से बातचीत करते हुए कहा कि, “जब आपको सरकार के ऊंचे ओहदे की ओर से कोई पत्र मिलता है तो आपको उम्मीद होती है कि इसमें कोई गलती नहीं होगी. और आप इस में किसी भी तरह की खामी का उम्मीद नहीं करते.” हालांकि यवोन मेसन ने ये भी बताया कि ये पत्र व्हाइट हाउस के किसी कर्मचारी द्वारा लिखा गया है.

 

बता दें कि रिटायर्ड टीचर यवोन मेसन ने व्हाइट हाउस को एक पत्र लिखा था. जिसमें उन्होंने राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से फरवरी महीने में स्कूलों में हुई गोलीबारी की घटनाओं पर और बंदूक हिंसा पर रोकथाम मामले पर चर्चा करने के लिए लिखा था.

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First published: 27 May 2018, 17:00 IST
 
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