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ओलंपिक में पहली बार आमने सामने होंगे मां-बेटे

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 May 2016, 17:49 IST

ओलंपिक में एक ही परिवार के दो लोगों के हिस्सा लेने का काफी पुराना इतिहास है. पिता और बेटे की जोड़ी कई बार एक साथ खेलों में भिड़ चुकी है. 

लेकिन आधुनिक ओलंपिक के 120 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा कि जब एक ओलंपिक में एक खेल में मां और बेटे की टक्कर दुनिया में पहली बार देखेने को मिलेगी.

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जॉर्जिया की 47 साल की शूटर नीनो सलुकवाज़दे इस साल ब्राज़ील की राजधानी रियो डि जनेरियो में अपने 18 साल के बेटे सोत्ने माकावारियानी के साथ हिस्सा लेंगी.

शूटिंग इवेंट में लेंगे हिस्सा

जॉर्जिया की नीनो सलुकवाज़दे और उनका बेटा सोत्ने माकावारियानी रियो ओलंपिक में शूटिंग में हिस्सा लेंगे. नीनो सलुकवाज़दे के करियर का यह आठवां ओलंपिक होगा. जबकि उनके बेटे 18 वर्षीय सोत्ने पहली बार ओलंपिक में हिस्सा लेंगे. 

मां और बेटा दोनों रियो ओलंपिक में हिस्सा लेने वाली जॉर्जिया की शूटिंग टीम में शामिल हैं. दोनों 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में भाग लेंगे.

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निनो ने कहा, "मैं बहुत खुश हूं कि मैं ओलिंपिक में जॉर्जिया का प्रतिनिधित्व करूंगी. लेकिन इससे ज्यादा खुशी अपने बेटे को लेकर है. हम दोनों साथ हिस्सा ले रहे हैं, यह काफी रोमांचित करने वाला है'.

वहीं, सोत्ने कहते हैं, "मेरी मां ने कहा कि जब उन्होंने पहली बार ओलंपिक गोल्ड जीता था, तब वो लगभग मेरी उम्र की थीं. लेकिन जीतो या हारो, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा.

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सबसे अच्छी बात है खेल में हिस्सा लेना और ईमानदारी से अपने प्रदर्शन पर ध्यान देना. उनकी इस बात से मेरी घबराहट खत्म हो गई है. अब मैं सिर्फ अपने खेल पर ध्यान दूंगा."

ओलंपिक के इतिहास में पहली बार

नीनो ने 28 साल पहले वर्ष 1988 में सियोल ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था. रूस से अलग होने के बाद जॉर्जिया देश में वो और उनका परिवार अकेले शूटिंग जैसे खेल को जिंदा रखे हुए हैं.

ओलंपिक खेलों के 120 साल के इतिहास में अब तक 70 बार एक ही परिवार के दो सदस्य एक खेल में हिस्सा ले चुके हैं. 

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इनमें 56 बार पिता-पुत्र, 12 बार पिता-पुत्री और दो बार मां-बेटी एक साथ खेलों में शिरकत कर चुके हैं. लेकिन ये पहली बार होगा, जब मां और बेटा एक साथ ओलंपिक खेलों का हिस्सा बनेंगे.

First published: 6 May 2016, 17:49 IST
 
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