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भारत हो जाए सचेत, जापान में तीन घंटे के भीतर एटीएम से उड़ाए 87 करोड़

अमित कुमार बाजपेयी | Updated on: 24 May 2016, 14:25 IST

जापान में एक बड़ी हाईटेक और संगठित वारदात को अंजाम दिया गया. केवल तीन घंटे यानी 180 मिनट के वक्त में फर्जी क्रेडिट कार्डों के जरिये 1,400 एटीएम मशीनों से 1.4 अरब येन (करीब 87 करोड़ रुपये) निकाल लिए गए. जाहिर है इतने कम वक्त में इतनी बड़ी रकम निकालने की योजना पहले से बनाई जाने के साथ ही कई बार अभ्यास भी किया गया होगा. भले ही अब जांच चले और अपराधी पकड़े जाएं लेकिन इस घटना से भारत को सबक जरूर लेना चाहिए.

जापान की न्यूज एजेंसी क्योदो द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक 15 मई 2016 को सुबह पांच से आठ बजे के बीच जापान के विभिन्न शहरों के 1,400 एटीएम मशीनों को निशाना बनाया गया. हाईटेक चोरों ने इसके लिए 7-इलेवन मशीनों का इस्तेमाल किया. यह 7-इलेवन मशीनें सामान्य एटीएम की तरह काम न करते हुए विदेशी कार्डों से निकासी की सुविधा देती हैं और स्टोर्स में लगी हैं.

इस हाईटेक अपराध की सबसे बड़ा मकसद था दक्षिण अफ्रीका के बैंकों का डाटा चोरी कर डुप्लीकेट कार्ड बनाना. इसके चलते दक्षिण अफ्रीका के स्टैंडर्ड बैंक को करीब 130 करोड़ रुपये के नुकसान होने का अनुमान है. 

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जालसाजों ने एटीएम में की गई 1,400 निकासी के दौरान हर बार 1,00,000 येन (61,830 रुपये) निकाले

इन हाईटेक जालसाजों ने एटीएम में की गई 1,400 रकम निकासी के दौरान हर बार 1,00,000 येन (61,830 रुपये) निकाले. हालांकि स्टैंडर्ड बैंक के मुताबिक ग्राहकों को इससे कोई नुकसान नहीं हुआ है.

वहीं, जापान पुलिस सीसीटीवी फुटेज के जरिये इन हाईटेक चोरों की पहचान तलाशने और खोजने में जुटी है. दक्षिण अफ्रीका और जापान की पुलिस संयुक्त रूप से इंटरपोल की मदद से जांच में जुट गई है. अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है.

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जापान में हुई यह घटना कोई मामूली अपराध नहीं है. विशेषज्ञों की मानें तो इसके लिए फुलप्रूप योजना बनाकर पहले तो अभ्यास किया गया और फिर इस घटना को अंजाम दिया गया.

एटीएम सेवा मुहैया कराने वाली प्रमुख एजेंसी के मैनेजर ने नाम न छापने की शर्त पर कैच को बताया कि यह मशीनें भी नेटवर्क के जरिये जुड़ी रहती हैं. हालांकि इनका सर्वर बहुत सुरक्षित होता है लेकिन इसे हैक करना बहुत मुश्किल नहीं. 

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वहीं, कार्ड क्लोनिंग करके भी एटीएम मशीनों से रकम निकाली जा सकती है. जबकि देश-विदेश में एटीएम कंपनियों में काम करने वाले पूर्व कर्मचारी भी इसकी खूबियों और खामियों को जानते हैं.

भारत में साधारण अपराध जैसे एटीएम मशीन ही उखाड़ ले जाने वालों की कमी नहीं है तो हाईटेक अपराधी भी मौजूद हैं. ऐसे में इनकी सुरक्षा लेयर बढ़ाने के साथ ही इनकी निगरानी को भी कड़ा करने की जरूरत है.

First published: 24 May 2016, 14:25 IST
 
अमित कुमार बाजपेयी @amit_bajpai2000

पत्रकारिता में एक दशक से ज्यादा का अनुभव. ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार, गैज़ेट वर्ल्ड, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, एजुकेशन पर पैनी नज़र रखते हैं. ग्रेटर नोएडा में हुई फार्मूला वन रेसिंग को लगातार दो साल कवर किया. एक्सपो मार्ट की शुरुआत से लेकर वहां होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों-संगोष्ठियों की रिपोर्टिंग.

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