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इमारत के मलबे में 35 घंटे तक जिंदगी और मौत की जंग लड़ता रहा मासूम, ऐसे बची जान

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 January 2019, 15:27 IST

रुस के शहर मेगनीटोगोरसके में गैस लीक के बाद हुए धमाके में 12 मंजिला इमारत नेस्तनाबूत हो गई, इस इमारत के मलबे में दबकर 8 लोगों की मौत हो गई वहीं कई लोग अभी भी लापता हैं. इसी बीच एक खबर आई कि इमारत के मलबे से एक मासूम बच्चे को 35 घंटे बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. इस खबर ने ना सिर्फ बच्चे के परिवार को राहत दी बल्कि हर किसी ने इसके लिए खुशी जताई.

दरअसल, यह कहानी एक दस माह के दुधमुहे बच्‍चे की है जिसको 35 घंटों की मशक्‍कत के बाद मलबे से जीवित निकाल लिया गया. इतने घंटे बाद बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालना किसी चमत्कार से कम नहीं है. बता दें कि नववर्ष की पूर्व संध्या पर रूस के शहर मेगनीटोगोरसके की एक इमारत में जबरदस्त धमाका हुआ था. इस धमाके से पूरी इमारत ध्वस्त हो गई थी. धमाके की वजह गैस रिसाव बताई गई. इस धमाके ने पुलिस और प्रशासन की नींद उड़ा दी. धमाका इतना जबरदस्‍त था कि इसकी आवाज काफी दूर तक सुनी गई. बता दें कि मेगनीटोगोरसके शहर रूस की राजधानी मास्‍को से करीब 1700 मील दक्षिण में बसा है. इस शहर को औद्योगिक शहर के रूप में जाना जाता है.

धमाके की वजह गैस रिसाव बताई गई. इस धमाके ने पुलिस और प्रशासन की नींद उड़ा दी. धमाका इतना जबरदस्‍त था कि इसकी आवाज काफी दूर तक सुनी गई. बता दें कि मेगनीटोगोरसके शहर रूस की राजधानी मास्‍को से करीब 1700 मील दक्षिण में बसा है. इस शहर को औद्योगिक शहर के रूप में जाना जाता है.

बता दें कि इस घटना में आठ लोगों की मौत हो गई और करीब तीन दर्जन से अधिक लोग लापता हो गए. जिन्हें ढूंढने का काम अभी भी जारी है. इस शहर में इनदिनों इस शहर का तापमान माइनस 17 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है. ऐसे में ये बच्चा 35 घंटे से इमारत के मलबे में जिंदा बचा रहा वो किसी चमत्कार से कम नहीं है.

बता दें कि राहत बचाव दल ने 35 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे के अलावा पांच अन्य लोगों को भी जिंदा निकाल लिया. वान्या नाम के इस बच्चे की उम्र अभी केवल दस महीने है. बचावकर्मियों को इस बच्‍चे के मलबे में दबे होने का पता उसकी चीख से चला था. इसके बाद ही इस बच्‍चे को बचाने के लिए बचावकर्मियों ने अपनी पूरी ताकत झौंक दी. बचावकर्मियों को यह नहीं पता था बच्‍चे की लॉकेशन क्‍या है. यहां के इमरजेंसी मिनिस्‍टर के मुताबिक इस पूरे रेस्‍क्‍यू प्रोग्राम में करीब सौ लोग जुटे रहे.

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First published: 2 January 2019, 15:11 IST
 
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