Home » इंटरनेशनल » Russian court sentence to three sisters for 20 year for killed her father
 

दुष्कर्मी पिता की बहनों ने की हत्या तो कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा, लोगों ने शुरु किया विरोध

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 June 2019, 15:11 IST

रूस की एक अदालत ने तीन बहनों को अपने पिता की हत्या के आरोप में 20 साल की सजा सुनाई है. जिसका रूस में खूब विरोध हो रहा है. अदालत के सजा सुनाने के बाद करीब पांच हजार लोग राजधानी मोस्को की सड़कों पर उतर आए और कोर्ट के इस फैसले का विरोध करने लगे.

बता दें कि क्रिसटीना, एंजेलीना और मारिया खचतुरयान नाम की इन तीन बहनों ने पिछले साल जुलाई में अपने पिता मिखाइल खचतुरयान की चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी थी. उसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया. कोर्ट में जब केस चला तो तीनों बहनों ने अदालत को अपनी साथ बीती मार्मिक कहानी बताई.

तीनों बहनों का कहना था कि उनके पिता मिखाइल अक्सर उनके साथ मारपीट किया करते थे. कई बार वह उनके साथ संबंध बनाने के लिए जोर दिया करते थे. पिता की ज्यादतियां जब हद से ज्यादा बढ़ गई तो एक दिन उन्होंने पिता को मौत के घाट उतारने का मन बना लिया. वो जानती थी कि पिता के जिंदा रहते वह आराम से नहीं रह सकती है. जब तक वह जिंदा हैं तबतक उनके साथ इसी तरह का बर्ताव किया जाता रहेगा.

17,18 और 19साल की इन तीनों बहनों पर कोर्ट ने सामूहिक हत्या करने का केस चलाया. उसके बाद कोर्ट ने इन बहनों को बीस साल जेल की सजा सुनाई. उनके एक पड़ोसी और रिश्तेदार के मुताबिक, उनके पिता उन्हें रोज पीटता था और तरह तरह से उनका टॉर्चर करता था. इसी से तंग आकर 2016 में क्रिस्टीना ने खुदकुशी करने की कोशिश की, लेकिन उनकी बहन ने उसे बचा लिया.

केस की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट में बताया कि पिछले साल एक दिन मिखाइल ने बारी-बारी से अपनी बेटियों को अपने कमरे में बुलाया. उसके बाद उसने कमरे में पेपर स्प्रे (मिर्च पाउडर ) छोड़ दिया. जिससे सबसे छोड़ी लड़की का दम घुटने लगा. उसके बाद बड़ी बहनों ने तय किया कि अब वह ज्यादा बर्दाश्त नहीं करेंगी. क्योंकि ऐसा करने से वो एक के बाद मौत के मुंह में समा जाएंगी. उसके बाद उन्होंने अपने पिता को मारने का प्लान बना लियाउसके बाद तीनों बहनों ने अपने पिता की हत्या कर दी. वो तबतक उसे मारती रहीं जबतक कि उसक मौत नहीं हो गई.

बता देें कि इस मामले में जांचकर्ताओं ने गवाही दी थी कि बहनों को बार-बार प्रताड़ित किया गया, यौन शोषण किया गया और उनका दुष्कर्म किया गया. साथ ही वकीलों ने हत्या को आत्मरक्षा में बदलने का दबाव अदालत पर बनाया था. मगर अदालत के इस फैसले ने उनके वकीलों और मानवाधिकार प्रचारकों को निराश कर दिया है.

उनके वकीलों ने बहनों को पीड़ित के रूप में अदालत में पेश किया और दावा किया था कि पिता एक अत्याचारी था जो अपनी बेटियों के खिलाफ क्रूर हिंसा का इस्तेमाल करता था.

जब नकली शेर के सामने आ गए दो असली शेर, Video में देखें फिर हुआ क्या

First published: 27 June 2019, 15:20 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी