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सार्क सम्मेलनः पाक अखबारों और भारतीय मीडिया में अजीबोगरीब समानता

चारू कार्तिकेय | Updated on: 29 September 2016, 17:45 IST

पाक का सर्वाधिक आक्रामक माना जाने वाला यह अखबार है. इसने अपनी मुख्य खबर बनाई गई है, ‘इंडिया हैज़ टॉर्पीडोइड द सार्क समिट’. खबर में कहा गया है कि पाकिस्तान को अलग-थलग करने वाले भारत के बेतुके अभियान ने सार्क जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रीय मंच को बर्बाद कर दिया.

अजीज के बयान पर अखबार ने कहा कि यह मोदी के ‘जल युद्ध की धमकी का जवाब है. साथ ही यह भी आकलन किया कि सितम्बर 18 के उरी हमले के बाद भारत की हर धमकी का पाकिस्तान करारा जवाब दे रहा है.

एक अन्य रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तानी सीनेट ने आह्वान किया है अगर भारत सिंधु जल संधि को एकतरफा खत्म करता है तो भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता रद्द कर दिया जाएगा और भारत की सार्क सदस्यता की समीक्षा की जाएगी.

डॉन ने आक्रामक बयानबाजी से दूर रहते हुए संयत स्वर में इतना कहा कि सार्क शिखर सम्मेलन का बहिष्कार करने की उसकी नीति भारत को ही मुसीबत में डाल दिया है. हालांकि, रिपोर्ट में एक बात और कही गई जो चिंताजनक है कि पाकिस्तान के साथ अपने तनाव के कारण भारत ने इससे पहले भी एक और सार्क शिखर सम्मेलन अटका दिया था.

जनवरी 2002 में काठमांडू शिखर सम्मेलन भी भारत के विरोध के चलते स्थगित हुआ था. अखबार ने अजीज के बयान का भी संज्ञान लिया है.

इसमें दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष के चलते रेफरी की भूमिका निभा रहे अमेरिका की मुश्किलों पर भी बात की गई है.

एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान ने विश्व बैंक से अपील की है कि वह भारत को झेलम और चिनाब नदियों पर अवैध निर्माण करने से रोके.

अखबार में आम कश्मीरियों पर चलाई गई पैलेट गन पर फोटो सहित खबर छपी है. जिसमें कहा गया है कि पैलेट गन का अंधाधुंध प्रयोग भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा कश्मीरी नागरिकों के साथ की गई मनमानी की याद दिलाता है.

एक अखबार में लेखक जाहिद हुसैन ने अपने एक लेख में तर्क दिया है कि प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से पाकिस्तान को अस्थिर करने के भारत के किसी भी प्रयास का दुष्प्रभाव भारत में भी नजर आएगा.

द न्यूज इंटरनेशनल की सुर्खी है कि पानी के बाद, भारत ने सार्क शिखर सम्मेलन को निशाना बनाया है. खबर में आगे कहा गया है कि नई दिल्ली बेवजह के कदम उठा रहा है जबकि कश्मीर के भीतर के हालात अभी नहीं बदले हैं. यहां भी अजीज के बयान विधिवत उल्लेख किया गया है.

साथ ही इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि भारतीय वायु सेना बीकानेर से लेकर श्रीनगर तक सभी 18 एयरबेस पर अभ्यास में लगी है.

एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया है कि कश्मीर में विरोध प्रदर्शन के 10 सप्ताह के बावजूद भारत के नाकारापन पर दिखाया गया क्रोध युवाओं को कट्टरपंथी बगावत की ओर धकेल सकता है.

एक विश्लेषक ने अपने लेख में दोनों पक्षों के ‘समझदार लोगों’ से अपील की है कि वह युद्ध हिस्टीरिया के मौजूदा माहौल को हल्का करने के प्रयास करें और ठप पड़ी शांति प्रक्रिया को बहाल करने की दिशा में आगे बढ़ें.

एक अन्य विश्लेषक ने इस बात की आवश्यकता पर बल दिया कि पाकिस्तान कश्मीर मसले को अंतरराष्ट्रीय समुदाय में प्रमुखता से उठाए और कश्मीर पर भारत के रुख का जवाब दे.

डेली टाइम्स का दावा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की वजह मोदी द्वारा सार्क शिखर सम्मेलन में अपनी भागीदारी रद्द करना है. इस अखबार में युवा कश्मीरियों के बगावत पर उतरने के खतरे पर भी एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई है.

एक रिपोर्ट में दावा किया है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ देश की संसद में भारत के साथ बिगड़ते संबंधों पर चर्चा करेंगे.

दिलचस्प है, कि एक अखबार में एक संपादकीय लिखा है जिसमें पाकिस्तानियों से आग्रह किया गया है कि वह दुनिया को बता दे कि ‘पाकिस्तान भारत के साथ शांति के लिए तैयार है.’

बलूचिस्तान के संदर्भ में, एक अन्य संपादकीय में कहा गया है कि पाकिस्तान को आत्म मंथन और आत्म-विश्लेषण की जरूरत है ताकि वह अतीत की उन सभी गलतियों को सुधार सके जिससे गड़बड़ियां हुई हैं.

द नेशन

अखबार में सार्क समिट के बहिष्कार और सरताज अजीज के बयान को शामिल किया गया है. भारत द्वारा पाक राजदूत को उरी हमलों में पाकिस्तान का हाथ होने के सबूत सौंपने पर भी एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई है. साथ ही नियंत्रण रेखा पर व्यापार की बहाली पर भी एक रिपोर्ट दी गई है.

‘काउन्टरिंग इंडिया’ शीर्षक से छपे एक लेख में ‘पाकिस्तान को भारत के खिलाफ आक्रामक मुद्रा’ अपनाने की सलाह दी गई है. एक और लेख में सिंधु के पानी को रोकने की भारत की धमकी को आम पाकिस्तानियों को नुकसान पहुंचाने वाला बताया गया है. साथ ही कश्मीर में सुरक्षा बलों द्वारा दागी गई गोलियों पर भी एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई है.

पाकिस्तान ऑब्जर्वर

सरताज अजीज का बयान पाकिस्तान ऑब्जर्वर में मुख्य हेडलाइन है. साथ ही पाकिस्तान के हिंदू समुदाय के सदस्यों द्वारा कश्मीर में भारतीय अत्याचार के खिलाफ एक रैली  के आयोजन पर बात की गई है.

एक अन्य रिपोर्ट में इस्लामाबाद के पूर्व सिंधु जल आयुक्त जमात अली शाह के हवाले से कहा गया है कि पाकिस्तान के जल प्रवाह को ब्लॉक करने के लिए भारत के पास तकनीकी क्षमता का अभाव है.

अखबार एक संपादकीय में कहता है कि भारत ‘मौलिक क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है’ और ऐसी नीतियों की वकालत कर रहा है जो क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं.

अखबार में सार्क समिट के बहिष्कार और सरताज अजीज के बयान को शामिल किया गया है. भारत द्वारा पाक राजदूत को उरी हमलों में पाकिस्तान का हाथ होने के सबूत सौंपने पर भी एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई है. साथ ही नियंत्रण रेखा पर व्यापार की बहाली पर भी एक रिपोर्ट दी गई है.

‘काउन्टरिंग इंडिया’ शीर्षक से छपे एक लेख में ‘पाकिस्तान को भारत के खिलाफ आक्रामक मुद्रा’ अपनाने की सलाह दी गई है. एक और लेख में सिंधु के पानी को रोकने की भारत की धमकी को आम पाकिस्तानियों को नुकसान पहुंचाने वाला बताया गया है. साथ ही कश्मीर में सुरक्षा बलों द्वारा दागी गई गोलियों पर भी एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई है.

सरताज अजीज का बयान पाकिस्तान ऑब्जर्वर में मुख्य हेडलाइन है. साथ ही पाकिस्तान के हिंदू समुदाय के सदस्यों द्वारा कश्मीर में भारतीय अत्याचार के खिलाफ एक रैली  के आयोजन पर बात की गई है.

एक अन्य रिपोर्ट में इस्लामाबाद के पूर्व सिंधु जल आयुक्त जमात अली शाह के हवाले से कहा गया है कि पाकिस्तान के जल प्रवाह को ब्लॉक करने के लिए भारत के पास तकनीकी क्षमता का अभाव है.

अखबार एक संपादकीय में कहता है कि भारत ‘मौलिक क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है’ और ऐसी नीतियों की वकालत कर रहा है जो क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं.

First published: 29 September 2016, 17:45 IST
 
चारू कार्तिकेय @CharuKeya

Assistant Editor at Catch, Charu enjoys covering politics and uncovering politicians. Of nine years in journalism, he spent six happily covering Parliament and parliamentarians at Lok Sabha TV and the other three as news anchor at Doordarshan News. A Royal Enfield enthusiast, he dreams of having enough time to roar away towards Ladakh, but for the moment the only miles he's covering are the 20-km stretch between home and work.

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