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सरताज अजीज बोले- भारत सिंधु जल समझौैते से एकतरफा खुद को अलग नहीं कर सकता

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 September 2016, 15:47 IST
(पत्रिका)

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने कहा है कि भारत सिंधु जल समझौते से खुद को अलग नहीं कर सकता. पाक मीडिया के हवाले से उनका यह बयान आया है.

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सरताज अजीज ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक भारत एकतरफा तरीके से इस संधि से खुद को अलग नहीं कर सकता." गौरतलब है कि सोमवार को भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने सिंधु जल समझौते की समीक्षा के लिए एक बैठक की थी. 

अंतरराष्ट्रीय अदालत जा सकता है पाक

सूत्रों के मुताबिक इस बैठक के दौरान पीएम मोदी ने उरी हमले के संदर्भ में कहा था कि  खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते. 18 सितंबर को उरी में हुए आतंरी हमले में भारत के 18 जवान शहीद हुए थे.

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पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक सरताज अजीज ने कहा, "अगर भारत इस संधि का उल्लंघन करता है तो पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय अदालत में अपील कर सकता है."

'करगिल-सियाचिन के वक्त भी समझौता बरकरार'

सरताज अजीज ने इस संधि की ऐतिहासिकता का भी जिक्र किया. पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक अजीज ने कहा कि युद्ध जैसे हालात में भी भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौता बरकरार रहा था.

सरताज अजीज ने कहा, "यहां तक कि सिंधु जल समझौता करगिल और सियाचिन युद्ध के समय भी स्थगित नहीं किया गया था."

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भारत और पाकिस्तान के बीच सितंबर 1960 में सिंधु जल समझौता हुआ था. इसे आधुनिक विश्व के इतिहास में सबसे उदार जल समझौते में से एक के तौर पर जाना जाता है.

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क्या है सिंधु जल समझौता?

सिंधु जल समझौते के तहत पाकिस्तान को 80.52 फीसदी पानी यानी 167.2 अरब घन मीटर पानी सालाना दिया जाता है. इस समझौते के तहत छह नदियां आती हैं.

नदी की ऊपरी धारा के बंटवारे में उदारता की ऐसी मिसाल दुनिया में और‍ किसी जल समझौते में नहीं मिलती. 1960 में हुए सिंधु समझौते के तहत उत्तर और दक्षिण को बांटने वाली एक रेखा तय की गई है, जिसके तहत सिंधु क्षेत्र में आने वाली तीन नदियों का नियंत्रण भारत और तीन का पाकिस्तान को दिया गया है.

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भारत ने वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में पाकिस्तान के साथ 19 सितंबर 1960 को कराची में इंडस वॉटर ट्रीटी की थी. इस संधि पर देश के पहले पीएम पंडित जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति जनरल अयूब खान ने दस्तखत किए थे.

सिंधु नदी जल समझौते के मुताबिक, भारत पाकिस्तान को अपनी सिंधु, झेलम, चिनाब, सतलुज, व्यास और रावी नदी का पानी देगा. इन नदियों का 80 फीसदी से ज्यादा पानी पाकिस्तान को मिलता है.

First published: 27 September 2016, 15:47 IST
 
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