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बम फोड़ने के मजाक ने अमेरिका में सिख छात्र को जेल पहुंचाया

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:48 IST
QUICK PILL
  • यूएस के टेक्सास स्थित स्कूल में पढ़ने वाले 12 वर्षीय छात्र ने मजाक में कहा था कि उसके बैग में बम है, जिससे वो स्कूल उड़ा देगा.
  • इस मजाक की ताकीद किए बिना ही स्कूल के प्रिंसिपल ने स्कूल में पुलिस बुला ली. बच्चे को तीन दिन तक हिरासत में रखा गया.

मजाक में अपने दोस्त से यह कहना कि वो स्कूल को बम से उड़ा देगा, टेक्सास स्थित स्कूल में पढ़ने वाले एक 12 वर्षीय सिख छात्र को बहुत महंगा पड़ा. पुलिस ने उसे तीन दिने के लिए हिरासत में ले लिया. 

अरमान सिंह सराय की चचेरी बहन की फेसबुक पोस्ट के मुताबिक, अपनी कक्षा में धौंस जमाने के लिए उसने यह मजाक किया था कि उसके बैग में बम है. इस बात की जानकारी स्कूल के प्रधानाचार्य को हुई तो उन्होंने बिना कोई पूछताछ किए या अभिभावकों को जानकारी दिए पुलिस बुला ली. 

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कुछ ही सप्ताह पहले टेक्सास के एक किशोर अहमद मोहम्मद को पुलिस उसके स्कूल से हथकड़ी पहना कर ले जा चुकी है. अहमद डलास स्थित अपने स्कूल में घर में बनी एक घड़ी लेकर पहुंच गया था, जिसे स्कूल स्टाफ ने बम समझ लिया था. 

फेसबुक पर शुक्रवार सुबह 8000 लोगों द्वारा शेयर की गई सराय की चचेरी बहन जिनी हायर की पोस्ट से यह मामला सामने आया. उसने फेसबुक पर लिखा, "जब अरमान स्कूल से वापस घर नहीं पहुंचा तब चिंता और डर से घरवाले परेशान हो गए. उन्होंने हर पुलिस स्टेशन में फोन करना शुरू कर दिया. तब जाकर पता चला कि उसे किशोर सुधार गृह में भेज दिया गया था. तीन दिनों तक उसे जेल में रखा गया."

45 मिनट में ही जांच पूरी हो गई तो फिर उसे तीन दिन किशोर सुधार गृह में क्यों भेजा गया?

टेक्सास, यूएस के पुलिस विभाग के एक अधिकारी ने जानकारी दी कि जब उस लड़के ने यह स्वीकार कर लिया कि यह धमकी उसने मजाक के लिए दी थी, तब उसे किशोर सुधार गृह भेज दिया गया.

पुलिस के मुताबिक, "शुक्रवार, 11 दिसंबर को हमें एक कॉल आई जिसमें बताया गया कि एक लड़के ने स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी दी है. जब हम पहुंचे तो हमने वहां मौजूद 16 छात्र और एक शिक्षक को कक्षा से बाहर निकाल कर कक्षा खाली करा दी. जिस छात्र ने शिक्षक को बम की जानकारी दी थी उससे पूछताछ की. धमकी देने वाले छात्र ने बताया कि उसने बम से स्कूल उड़ाने की बात मजाक में कही थी."

उन्होंने कहा कि पुलिस ने उस लड़के का बैग जांचा और सुनिश्चित किया कि कोई खतरा नहीं है, लेकिन फिर भी "आतंकी खतरा" एक अपराध है जिसके आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया. 

जब सराय की जांच केवल 45 मिनट में ही पूरी हो गई तो फिर उसे तीन दिन हिरासत में क्यों रखा गया, इस सवाल पर पुलिस ने बताया कि उन्होंने उस लड़के को गिरफ्तार कर किशोर सुधार गृह भेज दिया. लड़के को कितनी देर तक हिराासत में रखा जाय, यह हमारे दायरे में नहीं आता. यह तय करना किशोर न्याय विभाग का काम है.

बाद में स्कूल की प्रधानाचार्या जूली हैरक्रो को सराय के बड़े भाई अक्श सिंह ने पत्र लिखकर नाराजगी जतायी कि अन्य छात्र भी बम के बारे में मजाक कर रहे थे लेकिन केवल "अरमान को ही पुलिस हिरासत में लिया."

वहीं, स्कूल के प्रवक्ता लेसली जॉन्सन ने पुलिस को बुलाने के फैसले को उचित ठहराते हुए कहा, "जब स्कूल में बच्चा बम होने, धमकी देने या दूसरे बच्चों को नुकसान पहुंचाने की बात कर रहा हो तब हमें स्कूल में पुलिस बुलाना कतई अनुचित नहीं लगता. वास्तव में हम अर्लिंगटन पुलिस विभाग के साथ मिलकर काम करते हैं ताकि सभी खतरों की जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि वे सही हैं या नहीं."

पुलिस के मुताबिक, "उनके अभिभावकों से संपर्क नहीं हो सका. स्कूल में दिए गए फोन नंबर गलत निकले. लड़के ने दावा किया कि उसे अपने अभिभावकों के फोन नंबर नहीं पता हैं. उसकी बड़ी बहन को स्कूल प्रधानाचार्या द्वारा ही सूचना दी जा सकी."

फेसबुक पोस्ट के मुताबिक, सराय टेक्सास में ही पैदा और बड़ा हुआ. करीब चार माह पहले उसका परिवार डलास आ गया था. अर्लिंगटन स्थित निकोल्स जूनियर हाई स्कूल का छात्र सराय दिल की बीमारी से पीड़ित था और उसकी तीन सर्जरी हो चुकी हैं. 

सराय के स्वास्थ्य को देखते हुए पुलिस की कार्रवाई पर बताया गया कि उसने अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी.

First published: 18 December 2015, 3:49 IST
 
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