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इस दक्षिण कोरियाई जासूस के बगैर यह मुलाकात शायद संभव न हो पाती

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 April 2018, 18:13 IST

दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जेए-इन और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग ने शुक्रवार को ऐतिहासिक समझौते की घोषणा की. लंबी दुश्मनी के बाद आखिर दोनों देशों ने दोस्ती की शुरुआत की है. लेकिन शायद आपको नहीं पता होगा कि इस ऐतिहासिक मुलाकात के पीछे एक ऐसा शख्स है जिसने इस वार्ता को संभव बनाने के लिए दो दशकों तक काम किया. दक्षिणी कोरिया के राष्ट्रीय खुफिया सेवा (एनआईएस) के प्रमुख सुह हून तब रो रहे थे जब दोनों देशों केनेताओं ने संयक्त बयान दिया. 

ये शख्स है दक्षिण कोरियाई खुफिया अधिकारी सुह हून, जिसने लगभग 18 साल पहले सन 2000 में इस प्रयास की शुरुआत की थी. शुक्रवार को 1950-53 के कोरियाई युद्ध के बाद से किसी दक्षिण कोरियाई नेता ने उत्तरी कोरियाई की मिटटी पर कदम रखा.

दक्षिण कोरिया के उदारवादी राष्ट्रपति मून के कार्यकाल के एक साल से भी कम समय में यह ऐतिहासिक मौका आया. जब सुह को फिर ख़ुफ़िया चीफ नियुक्त किया गया. अपनी नियुक्ति की घोषणा के बाद पिछले सालसुह हून ने कहा, वह अन्तर-कोरियाई शिखर सम्मेलन के बारे में बहुत पहले कह चुके थे. दक्षिण कोरिया में साल 2008 में रूढ़िवादी सरकार चुने जाने के बाद उन्हें एजेंसी से हटा दिया गया था.

सुह ने व्यक्तिगत रूप से 2000 और 2007 में पिछलीदो अंतर-कोरियाई शिखर सम्मेलन की व्यवस्था करने में मदद की थी और उन्हें उत्तर कोरिया में देश के शीर्ष विशेषज्ञ के रूप में देखा जाता है. 2003 में सुह ने मंत्री ली जोंग-सेक के साथ प्योंगयांग की यात्रा की थी. तब उन्हें दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति रोह मू-ह्यून के विशेष दूतों में गिना जाता था.

64 साल के सुह 1990 के उत्तरार्ध में उत्तर कोरिया में दो वर्षों तक रहे, जो प्योंगयांग के परमाणु कार्यक्रमों को स्थिर करने के लिए 1994 के अंतरराष्ट्रीय सौदे के तहत परमाणु रिएक्टर बनाने की योजना में शामिल थे. हालांकि सौदा अंततः ख़त्म हो गया.

 

सियोल में योंसे विश्वविद्यालय के उत्तरी कोरिया के विशेषज्ञ जॉन डेलरी कहते हैं ''वह पहले से ही यह जनता था कि यह कैसे काम करता है और क्या करना है और मून ने उन्हें स्पष्ट राजनीतिक मार्गदर्शन दिया."

मार्च में वह 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे, जिन्होंने प्योंगयांग में तीसरे पीढ़ी के नेता किम जोंग उन से मुलाकात की. वह दक्षिण कोरिया के ऐसे पहले अधिकारी थे जिन्होंने किम जोंग से मुलाकात की. बैठक में किम न केवल मून से मिलने के लिए सहमत हुए बल्कि सुह और अन्य दूतावास भी इसमें शामिल थे.

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First published: 28 April 2018, 18:02 IST
 
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