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आजादी की मांग कर रही महिलाओं के साथ सेना के जवानों ने किया रेप

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 June 2019, 13:12 IST

सूडान में लोकतंत्र के पक्ष में सेना मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन रही महिलाओं के साथ सेना के जवानों ने कथित तौर पर रेप किया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सैनिकों ने इस घटना को अंजाम इसी महीने की तीन तारीख को दिया. जब प्रदर्शनकारियों के साथ कुछ महिलाएं भी सेना मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रही थीं.

हालांकि सेना ने अपने ऊपर लगे इन आरोपों को खारिज किया है. हालांकि प्रदर्शन में शामिल एक शख्स ने मीडिया को बताया कि जब प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की जा रही थी तभी सैनिकों ने कुछ महिलाओं के साथ रेप किया. प्रदर्शन में शामिल शख्स ने मीडिया को बताया कि, जब सुबह की प्रार्थना के बाद शूटिंग शुरू हो गई. उसके बाद वह एक अन्य प्रदर्शनकारी के साथ पास की एक इमारत की और दौड़े.

जब वह इमारत के ऊपरी हिस्से के एक कमरे में पहुंचे तो दोनों ने चीख-पुकार सुनी. उन्होंने बताया कि, ''हमने देखा कि छह सैनिक मिलकर दो लड़कियों का रेप कर रहे थे.'' बता दें कि ये जवान रैपिड सपोर्ट बल का हिस्सा थे जिसे स्थानीय भाषा में जांजवेद कहा जाता है. जब उन्होंने लड़कियों को बचाने की कोशिश की तो सैनिकों ने उनपर गोलिया चलाना शुरु कर दीं.

बता दें कि सूडान की राजधानी खार्तूम में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के कारण तख्तापलट हुआ, जिसने अप्रैल की शुरुआत में उमर अल-बशीर को लगभग 30 साल बाद सत्ता से बाहर कर दिया. उसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सेना मुख्यालय के सामने नागरिक शासन की वापसी के लिए अपना प्रदर्शन जारी रखा.

जब वह इमारत के ऊपरी हिस्से के एक कमरे में पहुंचे तो दोनों ने चीख-पुकार सुनी. उन्होंने बताया कि, ''हमने देखा कि छह सैनिक मिलकर दो लड़कियों का रेप कर रहे थे.'' बता दें कि ये जवान रैपिड सपोर्ट बल का हिस्सा थे जिसे स्थानीय भाषा में जांजवेद कहा जाता है. जब उन्होंने लड़कियों को बचाने की कोशिश की तो सैनिकों ने उनपर गोलिया चलाना शुरु कर दीं.

बता दें कि सूडान की राजधानी खार्तूम में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के कारण तख्तापलट हुआ, जिसने अप्रैल की शुरुआत में उमर अल-बशीर को लगभग 30 साल बाद सत्ता से बाहर कर दिया. उसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सेना मुख्यालय के सामने नागरिक शासन की वापसी के लिए अपना प्रदर्शन जारी रखा.

बताया जा रहा है कि सेना की इस कार्रवाई में अबतक करीब 100 लोगों की मौत हो चुकी है. साथ ही कई लोगों को नील नदी में फेंक दिया गया. हालांकि ट्रांजिशनल मिलिट्री काउंसिल ने ये मान लिया है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश उसने दिया था लेकिन यौन हिंसा के आरोपों से उन्होंने इंकार किया है.

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First published: 16 June 2019, 13:13 IST
 
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