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आतंक के खिलाफ भारत और अमेरिका एक, पाक को दोहरा मापदंड अपनाने पर अल्टीमेटम

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 August 2016, 11:14 IST
(ट्विटर)

भारत और अमेरिका ने आतंकवाद के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने के लिए पाकिस्तान को चेतावनी दी है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भारत-अमेरिका के बीच रणनीतिक और वाणिज्यिक वार्ता से पहले मंगलवार को अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी से मुलाकात की. 

इस दौरान स्वराज ने जहां एक ओर कहा कि दोनों देश आतंक से लड़ने की दिशा में अभी बहुत कुछ कर सकते हैं, वहीं भारत और अमेरिका ने पाकिस्तान को साफ संदेश दिया कि आतंकवाद पर दोहरा मानदंड नहीं हो सकता. 

'पठानकोट-मुंबई के दोषियों को जल्द सजा हो'

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा, "कोई भी देश अच्छा आतंकवाद और बुरा आतंकवाद जैसे दो मानदंड नहीं रख सकता. पाकिस्तान को लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और दाऊद इब्राहिम के खि‍लाफ कड़ी कार्रवाई करनी ही होगी. पठानकोट और मुंबई के दोषि‍यों को जल्द से जल्द सजा देनी होगी."

इस मुलाकात के दौरान सुषमा स्वराज ने द्विपक्षीय कारोबारी संबंधों पर कहा, "हमें अपनी कंपनियों की आकांक्षाओं और हितों का खयाल रखने की जरूरत है."

विदेश मंत्री ने भारत-अमेरिका कूटनीतिक और कारोबारी वार्ता के दौरान कहा कि अभी आतंक निरोध के क्षेत्र में बहुत कुछ किए जाने की गुंजाइश है.

'आतंकवाद सबसे बड़ी वैश्विक चुनौती'

सुषमा स्वराज और केरी ने मुलाकात के बाद साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान सुषमा स्वराज ने कहा कि आतंकवाद पर दोहरे मानदंड नहीं हो सकते.

अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने भारत की चिंताओं पर सहमति जताई. इसके साथ ही पाकिस्तान की ओर से सीमा पर घुसपैठ की जानकारी भी जॉन केरी को दी गई. सुषमा ने कहा, "मैंने उन्हें बताया कि आज के समय में आतंकवाद सबसे बड़ी वैश्व‍िक चुनौती है."

सौर ऊर्जा पर गठबंधन की तैयारी

जॉन केरी ने कहा कि अमेरिका भारत में नई तकनीक लाने पर काम कर रहा है, जिसकी मदद से भारत अपनी ऊर्जा की जरूरत को पूरा कर सके. सुषमा स्वराज ने अमेरिका से अपील की कि वह अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन में एक सक्रिय सदस्य के तौर पर शामिल हो. 

साथ ही अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, "हम ऐसे साइबर ढांचे को अंतिम रूप देने का इंतजार कर रहे हैं, जो नए वैश्विक साइबर खतरों से हमारी सुरक्षा कर सके. अमेरिका चाहता है कि वह भारत के साथ असैन्य परमाणु सहयोग रिएक्टरों की स्थापना तक आगे बढ़े."

First published: 31 August 2016, 11:14 IST
 
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