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आतंकवाद को मुंह चिढ़ाता दुनिया का सबसे कीमती रेलवे स्टेशन

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 March 2016, 20:24 IST

दुनिया में अल कायदा आतंकियों द्वारा न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर 11 सितंबर 2001 को किए गए सबसे बड़े हमले के बाद ग्राउंड जीरो को फिर से चमन बना दिया गया है. इस स्थान पर अब दुनिया का सबसे महंगा रेलवे स्टेशन बना दिया गया है.

बृहस्पतिवार को जनता के लिए खोल दिया गया यह स्टेशन अब आतंकियों को मुहं चिढ़ा रहा है. दरअसल अल कायदा आतंकियों द्वारा विमान से हमला किए जाने के बाद वर्ल्ड ट्रेड सेंटर इमारत धराशायी हो गई थी.

आतंकियों द्वारा अमेरिका में किए गए हमले में 2906 लोगों की जाने चली गईं थी और सैकड़ों घायल हो गए थे. इस स्थान को ग्राउंड जीरो का नाम दिया गया था. 

अब उसी स्थान पर एक रेलवे स्टेशन बनाया गया है जो दुनिया का सबसे महंगा स्टेशन है. यहां से यात्रियों को न्यूजर्सी और न्यूयार्क सबवे की ट्रेनें मिलेंगी. 12 सालों में तैयार इस खूबसूरत स्टेशन के साथ ही यहां रेस्टोरेंट, शॉपिंग प्लाजा और ट्रेंड सेंटर टॉवर्स में जाने की भी सुविधा है. 

Santiago Calatrava

सैंटियागो कालात्रावा (साभारःआर्किनेक्ट)

स्पेनिश-स्विस वास्तुकार सैंटियागो कालात्रावा द्वारा डिजाइन इस स्टेशन का नाम ओक्यूलस रखा गया है. इस अंडाकार इमारत के निर्माण में स्टील का इस्तेमाल किया गया है. एक पक्षी के आकार में बनाए गए इस विशालकाय स्टेशन में कांच से बनी दीर्घवृत्ताकार आकृतियां आसमान को छूती सी लगती हैं. इसकी लंबाई 350 फीट और चौड़ाई 115 फीट की है. 

यह स्टेशन पीएटीएच यात्री रेल को न्यूजर्सी के साथ ही न्यूयॉर्क सबवे लाइनों से जोड़ता है. जबकि इसके अंदर से ही ट्रेड सेंटर टॉवर्स जाने का भी रास्ता है. स्टेशन के अंदर बनाए गए शोरूम अगस्त में खुल जाएंगे. यात्रियों के खानपान की जरूरतों के लिए यहां एक खूबसूरत रेस्त्रां भी बनाया गया है. इसके निर्माण में निर्धारित वक्त से सात साल ज्यादा का समय लगा है.

Oculus new york.png

बताया जाता है कि इसका शुरुआती बजट करीब 134 अरब रुपये था जो देेरी की वजह से बढ़कर करीब दोगुना यानी 259 अरब हो गया. अपनी कीमत की वजह से ही यह दुनिया का अब तक का सबसे महंगा रेलवे स्टेशन बन गया है.

इस स्टेशन की अन्य खासियतों में इसका सफेद रंग और संगमरमर से बनाया जाना है. न्यूयॉर्क पोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक यहां रोजाना 2 लाख 50 हजार लोग आ सकेंगे. जबकि दो लाख से ज्यादा यात्री सफर करेंगे. 

Oculus new york.png

दूसरी ओर इस स्टेशन के निर्माण की लागत, वक्त और डिजाइन को लेकर भी काफी विवाद उठे और लोगों ने सवाल उठाए. तमाम विशेषज्ञों द्वारा इसे वेबजह पैसों की बर्बादी बताया गया. उनका तर्क था कि आर्थिक संकट के वक्त में इससे बचा जा सकता था.

हालांकि, इन सबके जवाब में कहा जा रहा है कि इस पर फ्रीडम टॉवर जितनी ही लागत आई है. मालूम हो कि फ्रीडम टॉवर का निर्माण ट्विन टॉवर (वर्ल्ड ट्रेड सेंटर) की याद में किया गया था.

First published: 5 March 2016, 20:24 IST
 
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