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क्या सोचकर इन छह अपराधियों को दी गईं हजारों साल की सजा

अमित कुमार बाजपेयी | Updated on: 13 April 2016, 14:37 IST
QUICK PILL
  • दुनिया के कुछ देश ऐसे हैं जहां अपराधियों को एक साथ कई जन्मों तक जेल में रहने की सजा दी जा चुकी है. इनमें धोखाधड़ी, बलात्कार, डकैती, नरसंहार समेत कई आरोपों के दोषी शामिल हैं.
  • एक मामले में अपनी सजा कम कराने अदालत पहुंचे एक दोषी की सजा को अदालत ने 9,050 सालों तक के लिए और बढ़ाकर उसकी कारावास सजा को 11 हजार साल से ज्यादा कर दिया.

दुनिया में मानव सभ्यता के विकास साथ ही अपराध में भी बढ़ोत्तरी हुई. परिणामस्वरूप अपराधियों को सजा सुनाने और समाज में संदेश देने का सिलसिला भी शुरू हुआ. दुनिया के तमाम मुल्कों में आज अपराधियों के जुर्म के हिसाब से उनको अलग-अलग सजा सुनाई जाती है.

यहां एक बात गौर करने वाली है कि अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने का मकसद अपराधियों को दंड देना नहीं बल्कि उन्हें सुधार के लिए प्रेरित करना होता है. लेकिन दुनिया में कुछ ऐसे अपराध हैं जिनके लिए मृत्युदंड देना उन्हें एक तरह से मुक्ति देने के बराबर होता है. ऐसे में अपने किए गुनाहों का पश्चाताप करने के साथ ही वे अपने मौजूदा जीवन के बाद अगले कई जन्मों तक भी कैद की सजा भुगतते रहें यह भी सुनिश्चित किया गया.

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यहां हम आपको आधुनिक समाज के कुछ ऐसे मुल्कों में अदालत द्वारा सुनाई गई सजा से रूबरू कराते हैं, जिनमें गुनाहगारों को आजीवन कारावास की सजा नहीं बल्कि जन्म-जन्म तक कैद में ही रहने की सजा सुनाई गई. 

1.चैमोए थिप्यासो, थाईलैंड- 1,41,078 वर्ष

इतिहास में थाईलैंड के चैमोए थिप्यासो को 1989 में अदालत द्वारा आज तक की सबसे लंबी कारावास की सजा सुनाई गई. चैमोए को 1,41,078 सालों तक जेल की सजा दी गई. एक वरिष्ठ थाई एयरफोर्स अधिकारी चैमोए ने एक पिरामिड स्कीम बनाकर 16,231 लोगों के साथ करीब 18.95 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की थी. आरोप है कि पीड़ितों में शाही परिवार के लोग भी शामिल थे. हालांकि चैमोए काफी भाग्यशाली रहीं क्योंकि 1989 में ही थाईलैंड के कानून के मुताबिक इतनी लंबी कारावास की सजा मिलने के बावजूद धोखाधड़ी के दोषी किसी अपराधी को अधिकतम 20 वर्षों के लिए ही कारावास की सजा सुनाई जा सकती है.

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2. ऑटमैन अल-औई, स्पेन- 42,924 वर्ष

2004 में मैड्रिड ट्रेन ब्लास्ट के जरिये नरसंहार करने वाले आतंकी ऑटमैन अल-औई को 42,924 वर्षों के कारावास की सजा सुनाई गई. 191 लोगों की हत्या के इस नरसंहार में ऑटमैन के साथी जमल जौगम को भी दोषी ठहराते हुए 42,999 वर्षों की कैद की सजा सुनाई गई. थाईलैंड की ही तरह स्पेन के कानून की भी अधिकतम सीमा है जिसके  मुताबिक किसी भी व्यक्ति को 40 वर्षों से ज्यादा वक्त तक जेल में नहीं रखा जा सकता. 

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3. चार्ल्स स्कॉट रॉबिन्सन, अमेरिका- 30,000 साल

ओकलाहोमा में बच्चों का बलात्कार करने वाले चार्ल्स स्कॉट रॉबिन्सन को 1994 में 30,000 साल तक कैद में रखने की सजा सुनाई गई. उसके खिलाफ छह बच्चों के साथ बलात्कार के आरोप थे. जिसके चलते उसे हर एक बच्चे के हिसाब से 5,000 साल कारावास की सजा सुनाई गई. उस वक्त जिला न्यायाधीश डैन ऑवेंस ने फिर यह भी सुनिश्चित किया कि किसी भी तरह चार्ल्स इन सजाओं से मुक्त न हो सके और न ही 108 साल की उम्र होने तक उसे पेरोल न मिल सके. 

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4. डैरॉन बेन्नलफोर्ड एंडरसन, अमेरिका- 11,250

एक बुजुर्ग महिला के बलात्कार, डकैती और अपहरण के दोषी डैरॉन को इस संबंध में ओकलाहोमा में 1993 में 2,200 सालों के कारावास की सजा सुनाई गई थी. इसके बाद डैरॉन ने अपनी सजा में से एक-दो शताब्दियों को कम कराने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया. जिसके बाद सुनवाई तो शुरू हुए लेकिन अदालत ने उसके अपराध को देखते हुए कारावास की सजा कम करने की बजाए 9,050 और साल बढ़ाते हुए इसे 11,250 वर्ष कर दिया. डैरॉन की रिहाई 1 अगस्त 9746 को होनी है.

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5. ड्यूडले वाएन काइजर, अमेरिका- 10,000 साल

अल्बामा कोर्ट द्वारा टस्कलूसा के ड्यूडले वाएन काइजर को अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में 10,000 सालों की कारावास की सजा सुनाई. बचाव पक्ष द्वारा ड्यूडले को जन्मजात हत्यारा बताते हुए 1976 में उसकी पत्नी, सास और एक कॉलेज छात्र की हत्या का दोषी करार दिया गया. उसे 1977 में मृत्युदंड की सजा सुनाई गई. लेकिन बाद में अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने अल्बामा अदालत के मृत्युदंड के फैसले को असंवैधानिक करार दिया क्योंकि ड्यूडले तब सेवानिवृत्त हो चुका था. इसके परिणाम में 1981 में उसे अपनी सास और कॉलेज छात्र की हत्या के लिए दो जन्मों और अपनी अपनी की हत्या के लिए 10,000 सालों के कारावास की सजा सुनाई गई.

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6. एंड्र्यू एस्टन, ब्रिटेन- 26 जन्मों का कारावास

बर्मिंघम अदालत द्वारा 2002 में एंड्र्यू एस्टन को 2002 में 26 जन्मों के कारावास की सजा सुनाई गई. ब्रिटेन के इतिहास में यह सर्वाधिक लंबी अवधि के कारावास की सजा थी. कोकीन के लती एंड्र्यू ने 2001 की शुरुआत के तीन माह में 26 बुजुर्गों और असहायों के घर पर हमला कर चोरी की थी. इसके चलते दो बुजुर्गों की मृत्यु हो गई. एंड्र्यू पर दो हत्याओं और 24 डकैती का दोष था. इसके बाद एंड्रूयू को 26 जन्मों के कारावास की सजा सुनाई गई. 

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First published: 13 April 2016, 14:37 IST
 
अमित कुमार बाजपेयी @amit_bajpai2000

पत्रकारिता में एक दशक से ज्यादा का अनुभव. ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार, गैज़ेट वर्ल्ड, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, एजुकेशन पर पैनी नज़र रखते हैं. ग्रेटर नोएडा में हुई फार्मूला वन रेसिंग को लगातार दो साल कवर किया. एक्सपो मार्ट की शुरुआत से लेकर वहां होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों-संगोष्ठियों की रिपोर्टिंग.

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