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नेपाल को चीन के रंग में रंगने वाली कौन है ये महिला, सोशल मीडिया पर है कुछ ऐसी चर्चा

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 July 2020, 16:06 IST

बीते कुछ समय से नेपाल में चीनी राजदूत होउ यांकी (Ambassador Hou Yanqi) खूब चर्चा में हैं. कई लोगों का कहना है कि नेपाल के चीन की ओर झुकते रिश्तों के पीछे इसी चीनी महिला राजदूत का योगदान है. बीते दिनों होउ यांकी तब चर्चा में आयी थी जब नेपाल में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर काठमांडू में चीनी दूतावास में आयोजित एक कार्यक्रम में होउ यांकी को लहंगा-चोली में देखा गया था और उन्होंने एक लोकप्रिय नेपाली गीत पर नृत्य किया था. इस गाने के बोल कुछ इस तरह थे ''अगर मैं खुले आसमान में एक पक्षी की तरह उड़ पाती''.

होउ यांकी की लोकप्रियता नेपाल में लगातार बढ़ रही है और वह चर्चा का एक केंद्र बनी हुईं हैं. जून की शुरुआत में न्यूज़ वेबसाइट द प्रिंट में छपे एक लेख में कहा गया है कि "होउ यांकी की बढ़ती लोकप्रियता इन दिनों शहर में चर्चा का विषय है. एक महीने पहले चीनी राजदूत ने नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी की गुटबाजी को सही करने में भी बड़ा योगदान दिया. नेपाल के पीएम केपी ओली के रुख में भारत के लिए आये बदलाव के पीछे कई लोग चीनी महिला राजदूत का योगदान बता रहे हैं. हालही में नेपाली पीएम ओली ने नेपाल का नया नक्शा संसद में पास करवा दिया, जिसमें भारत के तीन हिस्सों को अपना बताया गया है.


भारत में भी चीनी राजदूत की खूब चर्चा हो रही है. रिटायर मेजर गौरव आर्य ने मंगलवार को दावा किया कि नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली काठमांडू में "चीनी दूतावास के हनी ट्रैप में फंसे हुए हैं. उन्होंने कहा कि चीन के पास उनका एक वीडियो भी है''. ट्विटर पर गौरव आर्य ने नेपाल के चीन के राजदूत होउ यांकी की एक तस्वीर पोस्ट की और कहा कि ओली उसके द्वारा नियंत्रित हैं.

काठमांडू उन्होंने कहा काठमांडू में चर्चा है कि ओली चीनी दूतावास के हनी ट्रैप में फंस गए हैं. उन्होंने कहा ''यही कारण है कि जब चीन नेपाली गांवों को घेरता है, तो ओली कुछ नहीं कहते हैं''. उन्होंने लिखा सूत्रों का कहना है कि चीनी दूतावास के पास उनका वीडियो हैं''. हालांकि लोगों ने ट्विटर पर गौरव आर्य की खूब आलोचना की है.

 

बाद में गौरव आर्य ने स्पष्ट किया कि उन्होंने यह नहीं कहा कि चीनी राजदूत ने व्यक्तिगत रूप से ओली को फंसाया. उन्होंने कहा "कृपया मुझे गलत न समझें. मैंने कहा कि ओली को चीनियों ने फंसा लिया है. उसके वीडियो चीनी दूतावास के पास हैं. वह चीनी राजदूत द्वारा नियंत्रित हैं. मैंने यह नहीं कहा कि चीनी राजदूत व्यक्तिगत रूप से ओली को फंसा रही हैं. आप और मैं दो अलग-अलग बातें कह रहे हैं.”

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First published: 1 July 2020, 15:06 IST
 
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