Home » इंटरनेशनल » Thousands of people in Ireland voted in favour of legalising abortion in a Catholic-dominated republic
 

आयरलैंड: जनमत संग्रह के बाद गर्भपात पर लगा बैन हटा, इस भारतीय महिला की मौत बनी वजह

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 May 2018, 9:55 IST

आयरलैंड में एक अंधे कानून को बदल दिया गया है. यह कानून था गर्भपात पर लगा प्रतिबंध. आयरलैंड में गर्भपात पर लगे प्रतिबंध को हटाने के लिए किए गए जनमत संग्रह में 66.4 लोगों ने गर्भपात के समर्थन में मतदान किया. जनमत में 66 फीसदी लोगों ने प्रतिबंध के विरोध में मतदान किया जबकि 33 फीसदी लोग गर्भपात पर प्रतिबंध के पक्षधर थे.

बता दें कि इस पूरी मुहिम के पीछे एक भारतीय महिला सविता रहीं. आयरलैंड में भारतीय दंतचिकित्सक सविता हलप्पनवार को 2012 में गर्भपात की इजाजत नहीं मिलने पर एक अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी. इसके बाद से ही देश में गर्भपात को लेकर आंदोलन छिड़ गया था. सविता के पिता आनंदप्पा यालगी ने कहा कि उन्हें आशा है कि आयरलैंड की जनता उनकी बेटी को याद रखेगी.

 

बता दें कि साल 2012 में आयरलैंड के डॉक्टरों ने एक कैथोलिक देश का हवाला देकर सविता को गर्भपात की इजाजत नहीं दी थी. इसी वजह से पेशे से दंत चिकित्सक 31 वर्षीय सविता को अपनी जान गंवानी पड़ी थी. उस वक्त सविता 17 हफ्तों की गर्भवती थीं. सविता के पति प्रवीण हालापनवर ने कहा था कि एक दिन भारी पीड़ा में बिताने और यह बताए जाने के बाद कि वह जीवित बच्चे को जन्म नहीं दे पाएंगी, सविता ने चिकित्सीय रूप से गर्भपात करने को कहा.

 

लेकिन डॉक्टरों ने यह मांग खारिज कर दी क्योंकि डॉक्टरों का कहना था कि भ्रूण में अभी भी दिल की धड़कन मौजूद है और यह कहा कि ‘यह एक कैथोलिक देश है.’ बाद में मृत भ्रूण को हटा कर सविता को सघन चिकित्सा कक्ष में रखा गया, जहां 28 अक्टूबर 2012 को सेप्टिसेमिया के कारण उनकी मौत हो गई थी.

पढ़ें- ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे: मोदीराज में बना देश का पहला स्मार्ट हाईवे, PM आज करेंगे उद्धाटन

बता दें कि अब तक यहां महिला की जान को खतरा होने की स्थिति में ही गर्भपात की इजाजत थी लेकिन बलात्कार के मामलों में भी गर्भपात को मंजूरी नहीं है. भारतीय मूल के प्रधानमंत्री लियो वरदकर ने शनिवार को जनमत संग्रह के नतीजों की घोषणा की. वरदकर ने कहा, “लोगों ने अपनी राय जाहिर कर दी. उन्होंने कहा है कि एक आधुनिक देश के लिए एक आधुनिक संविधान की जरूरत है.” प्रधानमंत्री ने कहा कि आयरलैंड के मतदाता महिलाओं के सही निर्णय लेने और अपने स्वास्थ्य के संबंध में सही फैसला करने के लिए उनका सम्मान और उन पर यकीन करते हैं.

First published: 27 May 2018, 9:51 IST
 
अगली कहानी