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न्यू हैंपशायर के प्राइमरी में हिलेरी की हार, रिपब्लिकन ट्रंप की जीत

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:51 IST
QUICK PILL
  • डॉनल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस तक पहुंचने की दौड़ में एक बड़ी जीत हासिल कर रिपब्लिकन पार्टी की ओर से उम्मीदवार के तौर पर अपनी स्थिति मजबूत बना ली है.
  • दूसरी तरफ बर्नी सैंडर्स ने अमेरिकी राष्ट्रपति की उम्मीदवारी के लिए न्यू हैंपशायर में आयोजित डेमोक्रेटिक प्राइमरी में हिलेरी क्लिंटर को हराकर एक बड़ी जीत हासिल की है.

न्यू हैंपशायर में चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही एग्जिट पोल में यह बात साफ हो चुकी है कि जीत का सेहरा किसके माथे बंधेगा. कारोबारी डॉनल्ड ट्रंप 35 फीसदी से अधिक वोटों के साथ रिपब्लिकन प्राइमरी का चुनाव जीत चुके हैं और अब वह टेक्सास सीनेटर टेड क्रूज और पूर्व फ्लोरिडा गवर्नर जेब बुश को कड़ी टक्कर दे रहे हैं. 

दूसरी तरफ वरमॉन्ट सीनेटर बर्नी सैंडर्स के लिए बड़ी उपलब्धि रही है जिन्होंने पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को 60 फीसदी वोट के साथ डेमोक्रेटिक प्राइमरी का चुनाव हराया. क्लिंटन ने 2008 में तत्कालीन सीनेटर बराक ओबामा को हराकर न्यू हैंपशायर प्राइमरी का चुनाव जीता था.

ट्रंप दूसरे स्थान पर रहे ओहायो के गवर्नर जॉन केसिक से 18 हजार वोटों और 18 पर्सेंट के अंतर से आगे रहे. रिपब्लिकन सदस्य और टेक्सास के सीनेटर टेड क्रूज, फ्लोडिा के पूर्व गवर्नर जेब बुश और फ्लोरिडा के सीनेटर मार्को रूबियो तीसरा स्थान हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. एक तिहाई मतों की गणना पर अयोवा कॉकस जीतने वाले क्रूज के हिस्से में 12 पर्सेंट वोट आए थे जबकि बुश को 11 पर्सेंट वोट मिले थे.

विरोध की राजनीति

कभी किसी सरकारी पद पर आसीन नहीं रहने वाले ट्रंप और सैंडर्स ने जब अपने प्रचार अभियान की शुरुआत की थी तब उन्हें लंबी दूरी तय करने वाले बाहरी उम्मीदवारों के तौर पर देखा गया था. 

सीएनएन ने कहा कि इनकी जीत पेशेवर नेताओं को लेकर गहरी दोनों दलों की असहमति को दर्शाती है. अभी तक का रुझान यह कहता है कि डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकर उम्मीदवारों की इन दौड़ों में लंबा संघर्ष होगा.

क्लिंटन ने 2008 में तत्कालीन सीनेटर बराक ओबामा को हराकर न्यू हैंपशायर प्राइमरी का चुनाव जीता था

ट्रंप ने अक्सर अधिकांश तौर पर अपने प्रचार अभियान को अपने वित्तीय साधनों से आगे बढ़ाया है जबकि अन्य उम्मीदवार इस मामले में धनी दानदाताओं पर निर्भर करते हैं. हालांकि इसके बावजूद वह जो कुछ कहते हैं वह सब सही नहीं होता.

पिछले साल फेडरल इलेक्शन कमीशन की फाइलिंग में उन्होंने बताया कि उनके चुनाव अभियान में कुल 39 लाख डॉलर खर्च हुए और यह रकम उन्हें ऑनलाइन डोनेशन से मिली. राजनीतिक तौर पर साफ सुथरी छवि होने के बावजूद ट्रंप अक्सर नफरत फैलाने वाली भाषा का इस्तेमाल करते हुए वैसा बयान दे जाते हैं जिससे वह सीधे विपक्षियों के  निशाने पर आ जाते हैं. 

सैंडर्स ने अपनी जीत को राजनीतिक क्रांति बताया है जबकि हिलेरी का कहना है कि वह अभी पीछे नहीं हटी हैं

न्यू हैंपशायर में हिलेरी की हार हिला देने वाली है क्योंकि आज से आठ साल पहले वह इस राज्य से मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा के खिलाफ प्राइमरी का चुनाव जीती थीं. कुछ हफ्ते तक सभी सर्वे में हिलेरी सैंडर्स से आगे चल रही थीं. सैंडर्स ने अपनी जीत को राजनीतिक क्रांति बताया है जबकि हिलेरी का कहना है कि वह अभी पीछे नहीं हटी हैं.

जीत के बाद ट्रंप मुस्कुराते हुए मंच पर आए और उन्होंने कहा, 'हम अमेरिका को एक बार फिर से महान बनाने वाले हैं. वहीं 74 वर्षीय सैंडर्स ज्यादा पारंपरिक नजर आते हैं. वह गर्व से अपने आप को समाजवादी बताते हैं. समाजवाद एक ऐसा शब्द है जिसे लेकर अमेरिकी समाज बहुत ज्यादा सहज नहीं रहता है. 

मंगलवार को प्राइमरी में जीत के बाद अपने समर्थकों का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि उनका पूरा प्रचार लोगों की तरफ से मिले चंदे पर आधारित है. उन्होंने कहा कि उन्हें प्रति व्यक्ति के हिसाब से औसतन 27 डॉलर का चंदा मिला.

'अ फ्यूचर टू बिलीव इन' का पोस्टर थामे अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए वह कहते हैं, 'अमेरिकी लोगों ने वॉल स्ट्रीट को कंगाल होने से बचाया है और अब यह समय वॉल स्ट्रीट की तफ से बदला चुकाने का है.'

सीएनएन के एग्जिट पोल्स के मुताबिक सैंडर्स को 29 साल से कम उम्र की युवाओं के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल है जो पहली बार वोट देंगे. चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें क्लिंटन के मुकाबले ज्यादा महिला मतदाताएं हैं.

परेशानी में रिपब्लिकन

मतदाताओं के बीच लोकप्रियता और बहस में खराब प्रदर्शन के बीच रिपब्लिकन बुश के साथ खड़े नजर आ रहे हैं. हालांकि प्राइमरी के चुनाव के बाद स्थिति और अधिक खराब ही हुई है. ओहयो के गवर्नर जॉन कसी आज के परिणाम में दूसरे बड़े नेता उभकर सामने आए हैं जो अभी तक चकाचौंध से पूरी तरह गायब थे. क्रूज और बुश तीसरे  पायदान के लिए कठिन लड़ाई में उलझे नजर आए.

आइवा में तीसरे पायदान के बाद फ्लोरिडा के सीनेटर मार्को रूबियो अपने समर्थन में पार्टी को खींचने की कोशिश कर रहे थे. वह अपने आप को ट्रंप और क्रूज के विकल्प के तौर पर आगे बढ़ाने की कोशिशों में लगे हुए थे. क्रूज का भी तक का प्रदर्शन बेहतरीन रहा है और वह आइवा में अपनी पैठ बनाने में सफल रहे हैं. हालांकि वह पार्टी के भीतर बहुत अधिक पसंद नहीं किए जाते हैं.

डेमोक्रेट का विरोधाभास

डेमोक्रेट्स को भी समान तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. क्लिंटन को उम्मीद थी कि वह आसानी से प्राइमरी में बढ़त बना लेंगी लेकिन वह विपक्षी सैंडर्स के मुकाबले तेजी से पिछड़ रही हैं. आगे का रास्ता भी उनके लिए आसा नजर नहीं आ रहा है.

वॉल स्ट्रीट के मामले में सैंडर्स के पिछड़ने के बाद वह बार-बार सुधार और ऊंची कर दरों को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताती रही हैं. सबसे बड़ी समस्या उनकी पार्टी के मतदाताओं के बीच कमजोर होती पकड़ है. पार्टी को लगता है कि वह सैंडर्स को मुकाबला नहीं कर पाएंगी. अपने भाषण में उन्होंने कहा था, 'मुझे पता है कि मुझे काम करना है विशेषकर युवाओं के लिए. अगर वह हमें समर्थन नहीं दे रहे हैं तो भी हम उनका समर्थन करेंगे.'

पार्टी के लिए अच्छी खबर यह है कि अभी दो राज्यों में ही मतदान हुआ है. आइवा और न्यू हैंपशायर बड़े परिणाम के मुकाबले बेहद छोटा इलाका है. लेकिन बुरी खबर यह है कि पिछली बार 2012 के चुनाव में जिन दो उम्मीदवारों मसलन मिट रोमनी और बराक ओबामा ने चुनाव जीता था वह राष्ट्रपति का नामांकन भरने में सफल रहे.

First published: 10 February 2016, 4:07 IST
 
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