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ट्रंप ने बंद किया शरणार्थियों के लिए अमेरिका का दरवाज़ा

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 January 2017, 18:27 IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक विवादित एग्ज़ीक्यूटिव ऑर्डर पर दस्तख़त कर अमेरिका का रिफ़्यूजी प्रोग्राम अगले 120 दिनों के लिए स्थगित कर दिया है. इसके तहत अगले चार महीनों तक अमेरिका में आने वाले सभी शरणार्थियों पर पूरी तरह रोक लगा दी है. 

इस ऑर्डर के बाद सीरियाई शरणार्थियों के अमेरिका में आने पर अगले आदेश तक रोक लगी है. ईरान, इराक़, यमन और लीबिया समेत छह अन्य मुस्लिम देशों के नागरिकों को वीज़ा जारी करने पर भी तीन महीने की रोक लगाई गई है. 

पेंटागन में एग्ज़ीक्यूटिव ऑर्डर पर दस्तख़त करते हुए ट्रंप ने कहा है कि उनकी यह कोशिश अमेरिकी नागरिकों को आतंकवादी हमलों से बचाएगी. उन्होंने कहा, "मैं कट्टर इस्लामी आतंकवादियों को अमरीका से दूर रखने के लिए नए उपाय कर रहा हूं. हम उन्हें यहां नहीं चाहते'. उन्होंने कहा कि हम सिर्फ उन्हें ही अपने देश में जगह देंगे जो हमारे देश का समर्थन करेंगे और हमारे लोगों से प्यार करेंगे'. 

चेक गणराज्य के प्रवक्ता ने ट्रंप की इस कोशिश की प्रशंसा की है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा है, 'ट्रंप अपने देश को सुरक्षित कर रहे हैं. वह अपने देश के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. यही काम यूरोपियन यूनियन का कुलीन वर्ग नहीं करता'.

वहीं मानवाधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस विवादित पहल को डरावना क़रार देते हुए खेत जताया है. शांति के लिए नोबल पुरस्कार पाने वाली मलाला यूसुफ़ज़ई ने एक बयान जारीकर कहा है कि इस ऑर्डर से उनका दिल टूट गया है. 

उन्होंने कहा है, 'युद्ध की विभीषिका और हिंसा झेल रहे मां, पिता और बच्चों के लिए राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का दरवाज़ा बंद करना दिल तोड़ने वाला है'. उन्होंने आगे कहा, 'दुनिया में जब इतनी अनिश्चितता और अस्थितरता बिखरी हुई है, तब मैं राष्ट्रपति ट्रंप से कहना चाहती हूं कि वह दुनिया के सबसे लाचार बच्चों और परिवारों को पीठ ना दिखाएं'. 

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति अपने मुस्लिम विरोधी रवैये के लिए जाने जाते हैं. चुनावी कैंपेन के दौरान उन्होंने कहा था कि अमेरिका में मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक लगनी चाहिए. इसके अलावा उन्होंने अमेरिका में रहने वाले मुसलमानों की प्रोफाइलिंग पर भी ज़ोर दिया था. 

First published: 28 January 2017, 18:27 IST
 
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