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विदेशी छात्रों को अमेरिका से भेजने वाले आदेश पर ट्रंप ने लिया यू-टर्न, इंडियन स्टूडेंट्स की बड़ी जीत

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 July 2020, 9:09 IST

अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने अपने 6 जुलाई के नियम को रद्द करने पर सहमति व्यक्त की है, जिसमें विदेशी छात्रों के अमेरिका में अस्थायी रूप से रुकने पर रोक लगा दी थी. ट्रंप प्रशासन ने कहा था कि अमेरिका में जो छात्र ऑनलाइन क्लासेस ले रहे हैं, उनके पास वहां रुकने का कोई कारण नहीं है और उन्हें अपने देश वापस चले जाना चाहिए. ट्रंप प्रशासन द्वारा यह यू-टर्न 6 जुलाई के आदेश के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी आक्रोश के बाद सामने आया है. 17 अमेरिकी राज्यों और कोलंबिया के साथ-साथ Google, फेसबुक और Microsoft जैसी शीर्ष अमेरिकी आईटी कंपनियों ने इसका विरोध किया था. 

ट्रंप प्रशासन के इस आदेश के खिलाफ मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नॉलजी और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी अदालत चले गए थे. मैसाचुसेट्स के डिस्ट्रिक्ट जज एलिसन बरो ने कहा कि अब सभी पक्षों में समझौता हो गया है. इससे पहले अमरीका के प्रवासी और कस्टम निदेशालय (आईसीई) ने कहा था कि नियम न मानने पर छात्रों को जबरन वापस उनके देश भेजा जायगा.


ट्रंप प्रशासन के यूटर्न की घोषणा अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है, जिसमें भारत के छात्र भी शामिल हैं. 2018-2019 शैक्षणिक वर्ष में अमेरिका में 10 लाख से अधिक अंतर्राष्ट्रीय छात्र थे. स्टूडेंट एंड एक्सचेंज विजिटर प्रोग्राम (एसईवीपी) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार जनवरी में अमेरिका के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में 1,94,556 भारतीय छात्रों का नामांकन हुआ था.

अपने आदेश में ट्रंप ने व्हाइट हाउस में रोज गार्डन प्रेस कॉन्फ्रेंस में संवाददाताओं से कहा "हम बहुत जल्द एक आव्रजन अधिनियम पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं. यह योग्यता पर आधारित होने जा रहा है, यह बहुत मजबूत होने वाला है." कांग्रेसी ब्रैड स्नीइडर ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय छात्रों, कॉलेजों और सामान्य ज्ञान के लिए एक बड़ी जीत है. अमेरिका में कोरोना वायरस के बढ़ते मामले के कारण ट्रंप प्रशासन ने यह आदेश दिया था.

पिछले हफ्ते 136 से अधिक कांग्रेसियों और 30 सीनेटरों ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर अपने आदेश को रद्द करने के लिए ट्रंप प्रशासन को लिखा था. कांग्रेस के अयान्या प्रेसले ने कहा "यह पूरे देश में MA7 और पूरे देश में उच्च शिक्षा के छात्रों, आयोजकों और संस्थानों के लिए एक बड़ी जीत है, जो इस नियम के खिलाफ खड़े हुए और संघर्ष किया."

ऑनलाइन क्लासेस पढ़ रहे विदेशी छात्रों को अमेरिका से वापस भेजेगा ट्रंप प्रशासन

अपने 6 जुलाई के नोटिस में ICE ने सभी छात्र वीज़ा धारकों को कहा था, जिनके विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम केवल ऑनलाइन पेश किए गए हैं , उन्हें देश को छोड़ देना चाहिए. इस फैसले के खिलाफ 17 राज्यों और कोलंबिया ने कई अंतरराष्ट्रीय छात्रों का साथ दिया. कहा गया वे जिन देशों और समुदायों से आते हैं, उनमें डिस्टेंस शिक्षा असंभव होगी.

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First published: 15 July 2020, 8:58 IST
 
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