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बांग्लादेश: इस्लाम का अपमान करने के आरोप में दो हिंदू शिक्षकों को जेल

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 April 2016, 11:10 IST

बांग्लादेश में एक अदालत ने दो हिन्दू शिक्षकों को इस्लाम का अपमान करने के जुर्म में जेल भेज दिया है. कोर्ट ने ये फैसला बेहद कम इस्तेमाल होने वाले कानून के तहत दिया है.

कानून के मुताबिक किसी भी धर्म का मजाक उड़ाना अपराध की श्रेणी में आता है. सज़ा पाने वाले दोनों शिक्षकों का नाम कृष्णापाड़ा मौली और अशोक कुमार बताया जा रहा है.  

छह महीने की सजा

दक्षिण बांग्लादेश की एक कोर्ट ने दोनों को छह महीने जेल की सज़ा सुनाई है. जज अनवर परवेज़ ने कहा, "ये मामला तब सामने आया जब हिजला हाईस्कूल के छात्रों ने शिकायत की."

छात्रों का कहना था कि विज्ञान पढ़ाने वाले उनके सहायक शिक्षक ने कुरान और अल्लाह को लेकर टिप्पणी की है. साथ ही शिक्षकों ने इन दोनों शब्दों को इनकार करते हुए ये भी कहा कि जन्नत जैसी कोई जगह नहीं होती है.

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जब गांव में इस बात की खबर फैली तो छात्रों के साथ उनके परिजन और गांव वालों ने शिक्षकों पर हमला कर दिया.  खुद को बचाने के लिए शिक्षक कमरे में कैद हो गए.

बाद में पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद शिक्षकों को बचाया गया. फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जज ने कहा कि आरोपी शिक्षकों ने सार्वजनिक तौर पर एक धर्म का अपमान करने का अपराध स्वीकार किया है. 

धार्मिक असहिष्णुता के मामले

अदालत ने दोनों आरोपियों को छह महीने जेल की सज़ा सुनाई गई है.बांग्लादेश में इस्लामिक कानून लागू किए जाने के समर्थकों और धर्मनिरपेक्षता की पैरवी करने वालों में लंबे अरसे से विवाद चल रहा है.

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बीते साल में कई लेखकों, अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमले हुए हैं. वहीं हाल ही में राजशाही शहर में यूनीवर्सिटी प्रोफेसर की रेजौल करीम सिद्दीकी की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी.

आतंकी संगठन आईएसआईएस ने हत्या की जिम्मेदारी ली थी. बांग्लादेश में धार्मिक असहिष्णुता के मामले बढ़ते जा रहे हैं. पिछले साल वहां चार धर्मनिरपेक्ष ब्लॉगरों की हत्या कर दी गई थी.

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First published: 28 April 2016, 11:10 IST
 
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