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पठानकोट हमले के आरोपी मसूद अजहर को यूएन प्रतिबंधित सूची में डालेगा!

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 5:46 IST
(एजेंसी)

संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएन) पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड और जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर को जल्द ही आतंकी घोषित कर सकता है.

भारत पहले भी यूएन से इस कुख्यात आंतकी को अपनी सूची में डालने का आग्रह कर चुका है, लेकिन चीन द्वारा लगाई गई तकनीकी दिक्कतों की वजह से अजहर उस सूची में शामिल नहीं हो पाया था.

इस मामले को छह महिने बीत चुके हैं और चीन के तकनीकी अड़ंगे की मियाद भी खत्म हो रही है. अगर बीजिंग इस बार भारत की कोशिश में फिर से अड़ंगा नहीं लगाता है, तो इस खतरनाक आतंकी को यूएन द्वारा जल्द ही प्रतिबंधित किया जा सकेगा.

चीन ने लगाया था अड़ंगा

भारत ने इस साल 31 मार्च को यूएन की प्रतिबंध समिति में जैश-ए-मोहम्मद के सरगना पर प्रतिबंध लगाने की कवायद की थी, लेकिन परिषद के वीटो अधिकार प्राप्त स्थाई सदस्य चीन ने इस मामले को बाधित कर दिया था.

पंद्रह सदस्यीय सुरक्षा परिषद में चीन ही एकमात्र ऐसा देश था, जिसने भारत के आवेदन पर अड़ंगा लगाया था, जबकि सभी 14 अन्य सदस्यों ने अजहर का नाम 1267 प्रतिबंध सूची में डालने के लिए भारत के प्रयास का समर्थन किया था.

अजहर का नाम इस प्रतिबंध सूची में आ जाने पर उसकी संपत्तियों को जब्त किया जा सकेगा और उस पर यात्रा प्रतिबंध लग जाएगा.

छह महीने की मियाद होगी पूरी

सूत्रों ने बताया कि तकनीकी अड़ंगे की छह महीने की वैधता जल्द ही 'खत्म' होने वाली है और यदि चीन दोबारा किसी बहाने से इस प्रस्ताव को नहीं रोकता है या वीटो का इस्तेमाल नहीं करता, तो अजहर को आतंकवादी घोषित करने की मांग वाला भारत का प्रस्ताव स्वत: पारित हो जाएगा.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 14 अन्य सदस्य पहले ही भारत के प्रयास का समर्थन कर चुके हैं और तकनीकी अड़ंगे की अवधि खत्म होने तथा चीन की तरफ से दोबारा कोई आपत्ति नहीं किए जाने का आवश्यक रूप से यह मतलब होगा कि अजहर का नाम प्रतिबंध सूची में डालने की मांग का कोई विरोध नहीं है.

First published: 28 September 2016, 12:31 IST
 
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