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एफ-16 लड़ाकू विमानों के लिए पाकिस्तान को करना होगा पूरा पेमेंट

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:49 IST

एफ-16 लडा़कू विमानों की खरीद मामले में अमेरिका ने पाकिस्तान को करारा झटका दिया है. अमेरिका ने साफ किया है कि एफ-16 लड़ाकू विमान सौदे के लिए पाकिस्तान को किसी तरह की रियायत नहीं मिलेगी. 

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पाकिस्तान को लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए पूरा भुगतान करना होगा. इसमें अमेरिका की ओर से कोई मदद नहीं दी जाएगी. अमेरिकी सासंदो की आपत्ति के बाद ये फैसला लिया गया है.

70 करोड़ डॉलर की डील


गौरतलब है कि अमेरिकी सरकार ने फरवरी में पाकिस्तान को करीब 70 करोड़ डॉलर के आठ एफ-16 लड़ाकू विमान, राडार और अन्य उपकरणों को बेचे जाने की मंजूरी दी थी.

इस फैसले पर शीर्ष अमेरिकी सांसदों ने फैसले पर चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि इन विमानों का इस्तेमाल आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में नहीं, बल्कि भारत के खिलाफ किया जा सकता है. उन्होंने इस संबंध में ओबामा प्रशासन से अपने फैसले की समीक्षा करने का अनुरोध किया था.

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शीर्ष अमेरिकी सीनेटरों द्वारा पाकिस्तान को आठ एफ-16 लड़ाकू विमानों की बिक्री के लिए अपने करदाताओं के धन के इस्तेमाल पर रोक लगा दिए जाने के मद्देनजर ओबामा प्रशासन ने पाकिस्तान को ये विमान खरीदने के लिए अपना ‘राष्ट्रीय कोष पेश करने’ को कहा है.

अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा, "कांग्रेस ने बिक्री को मंजूरी दे दी है लेकिन महत्वपूर्ण सदस्यों ने यह स्पष्ट किया है कि वे इसके समर्थन के लिए एफएमएफ (विदेशी सैन्य वित्तपोषण) के इस्तेमाल पर आपत्ति करते हैं."

किसी और देश से खरीद लेंगे


अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को 70 करोड़ डॉलर की अनुमानित लागत पर आठ लड़ाकू विमान बेचने के अपने विचार के बारे में कांग्रेस को 11 फरवरी को सूचित किया था. 

भारत सरकार ने इस कदम का विरोध किया था और उसने इस मामले में अपना विरोध दर्ज कराने के लिए भारत में अमेरिका के राजदूत रिचर्ड वर्मा को तलब किया था.

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लड़ाकू विमानों की खरीद में अमेरिका की ओर से किसी भी तरह की मदद न मिलने के जवाब में पाकिस्तान ने कहा है कि अगर अमेरिका फंड की व्यवस्था नहीं करता है, तो वो कोई दूसरा फाइटर जेट किसी और देश से खरीदने के बारे में विचार कर सकता है.

पाकिस्तान पीएम के सलाहकार सरताज अजीज ने कहा है कि अगर डील आगे बढ़ती है, तो उन्होंने जितनी रकम के लिए शुरू में हामी भरी थी, उससे करीब तीन गुना ज्यादा खर्च करना पड़ेगा.

First published: 3 May 2016, 6:04 IST
 
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