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नया अमेरिकी कानून भारत में कॉल सेंटर में काम करने वालों की नौकरी छीन सकता है

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 March 2018, 18:10 IST

अमेरिकी कांग्रेस में एक कानून पेश किया गया है जिसमे विदेशों में स्थित कॉल सेंटर के कर्मचारियों को अपनी लोकेशन का खुलासा करना आवश्यक होगा. यही नहीं बल्कि इस बिल में कहा गया है कि कॉल सेंटर को। अमेरिका में मौजूद सर्विस एजेंट को कॉल ट्रांसफर करवाने का अधिकार भी देना होगा.

ओहियो से सीनेटर शेरोड ब्राउन द्वारा प्रस्तुत इस कानून में उन कंपनियों की एक सार्वजनिक सूची तैयार करने का भी प्रस्ताव किया है जो कॉल सेंटर की नौकरियों को आउटसोर्स करती हैं. इसमें यह भी कहा गया है कि अपने कॉल सेंटर को विदेश में शिफ्ट न करने वाली कंपनियों को फेडरल कॉन्‍ट्रैक्‍ट्स में वरीयता दी जाए.

लम्बे समय से अमेरिकी व्यापार और कर नीति ने कॉर्पोरेट बिजनेस मॉडल को प्रोत्साहित किया है, जिससे ओहियो में में कई कॉल सेंटर ने यहां अपना संचालन को बंद दिया है. ये कंपनियां अब अपने कॉल सेंटर भारत और मैक्सिको जैसे देशों में में शुरू कर रहे हैं, ऐसे में अमेरिका में रोजगार का
संकट बढ़ता जा रहा है.

अमेरिका मेंकई ऐसे लोग जिनके पास कॉल सेंटर का पर्याप्त अनुभव है लेकिन उनके पास रोजगार का बड़ा संकट है. अमेरिका में उनके रोजगार को बचाने के लिए ही यह कवायद की जा रही है.

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एक अध्ययन के मुताबिक अमेरिका की कंपनियां भारत और फिलीपींस में सबसे ज्यादा कॉल सेंटर स्थापित कर रहे हैं. नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनीज के अनुमान के मुताबिक, भारत में इससे सालाना रेवेन्‍यू 2800 करोड़ डॉलर (1.82 लाख करोड़ रुपए) से ज्‍यादा है.

First published: 20 March 2018, 18:07 IST
 
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