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नहीं पता था अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA है इस कंपनी की मालिक, 50 सालों तक जासूसी का शिकार होते रहे ये देश

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 February 2020, 12:14 IST

अमेरिकी अख़बार द वाशिंगटन पोस्ट और जर्मन सार्वजनिक प्रसारक जेडीएफ (ZDF) ने अपनी एक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा किया है. इस बड़े खुलासे में सामने आया है कि अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए (CIA) ने 50 से ज्यादा सालों तक भारत सहित दुनिया के कई देशों की जासूसी की. अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने इन देशों की जासूसी एक स्विट्ज़रलैंड की कंपनी के जरिये की.

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस कंपनी के उपकरणों का इस्तेमाल दुनिया के कई देश अपने जासूसों, सैनिकों और राजनयिकों से गुप्त संचार के लिए करते थे. लेकिन इस बात का किसी को अंदाजा नहीं था, कंपनी का स्वामित्व अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसी के पास था. रिपोर्ट के अनुसार कंपनी क्रिप्टो एजी ने 1951 में अमेरिका की सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) के साथ एक समझौता किया और 1970 के दशक में इसके स्वामित्व में आ गई. 

इस रिपोर्ट में सीआईए के दस्तावेजों से गुप्त ऑपरेशन को उजागर किया गया है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका और उसके सहयोगी पश्चिमी जर्मनी ने कई सालों तक दुनिया के कई देशों के भोलेपन का फायदा उठाया. कंपनी संचार और सूचना सुरक्षा में विशेषज्ञता प्राप्त है और 1940 में एक स्वतंत्र फर्म के रूप में स्थापित हुई थी.

रिपोर्ट में कहा गया है कि CIA और नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी (NSA) ने क्रिप्टोकरंसी उपकरण बनाने में विशेषज्ञता रखने वाले Crypto AG के माध्यम से सहयोगी और सहयोगी कंपनियों पर जासूसी की. आधी सदी से भी अधिक समय तक दुनियाभर की सरकारों ने अपने जासूसों, सैनिकों और राजनयिकों के संचार को गुप्त रखने के लिए स्विस फर्म पर भरोसा किया था. ईरान, लैटिन अमेरिका, भारत, पाकिस्तान और यहां वेटिकन जैसे देश इसके ग्राहक थे.

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First published: 13 February 2020, 12:06 IST
 
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