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अमेरिका में ये कानून लागू होते ही भारतीय को सबसे अधिक मिलेंगे ग्रीनकार्ड, मिलेंगे ये फायदे

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 February 2019, 11:11 IST

अमेरिका में नौकरी करने का सपना देख रहे या वहां रह कर काम कर रहे भारतीयों को ग्रीन कार्ड मिलने में आसानी हो सकती है. हालांकि ये तब मुश्किल है जब अमेरिकी संसद में एक कानून पारित होगा. इस कानून के पारित होते ही हर देश के मुताबिक ग्रीन कार्ड जारी करने की संख्या पर लागू सीमा खत्म हो जाएगी. बता दें कि अमेरिका में आबादी वाले देश जैसे कि भारत और चीन के नागरिकों को अमूमन कम ही नागरिकता मिल पाती है. इसकी वजह ग्रीन कार्ड की सीमित संख्या का होना है. जबकि यहां दूसरे देश के नागरिकों को आसानी से स्थायी नागरिकता मिल जाती है.

बता दें कि इस संबंध में अमेरिकी संसद में पेश किए गए बिल के पास हो जाने की उम्मीद है क्योंकि अमेरिकी की सत्ताधाऱी डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन दोनों ही पार्टियां इसके समर्थन में हैं. उम्मीद है कि संसद में मंजूरी मिलते ही ये विधेयक कानून बन जाएगा. जिसके बाद ग्रीन कार्ड की संख्या पर लगी सीमा खत्म हो जाएगी.

बता दें कि कैलिफोर्निया के डेमोक्रेट प्रतिनिधि जोए लोफग्रेन और रिपब्लिकन के केन बक ने हाई स्किल्ड इमिग्रेंट्स एक्ट 2019 पेश किया. इस कानून को सीनेट कमला हैरिस और माइक ली का समर्थन प्राप्त है. बता दें कि यह विधेयक पिछले वर्जन से काफी मिलता-जुलता है जो कांग्रेस के बहुमत के बावजूद पास नहीं हो पाया था. यह विधेयक प्रति देश की सीमा को रोजगार-आधारित स्थायी निवास में बदल देगा.

बता दें कि अमेरिका में वर्तमान में यह सीमा सात प्रतिशत है. वर्तमान कानून के अनुसार रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड सालाना केवल 140,000 जारी किए जाते हैं. किसी भी देश के 9,800 से ज्यादा लोगों को अमेरिका की स्थायी नागरिकता नहीं दी जा सकती. इसीलिए अमेरिका में भारत और चीन के नागरिकों को यहां सालाना सिर्फ 9,800 ग्रीन कार्ड ही मिल पाते हैं. यही वजह है कि सैकड़ों लोग अमेरिका की नागरिकता पाने के लिए सालों तक इंतजार करते हैं.

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First published: 9 February 2019, 11:11 IST
 
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