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COVID-19: WHO पर फूटा अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का गुस्सा, विश्व स्वास्थ्य संगठन के फंड पर लगाई रोक

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 April 2020, 8:38 IST

US halts funding to WHO: कोरोना वायरस (Corona Virus) से अमेरिका (America) में हो रही मौतें से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) बेहद चिंतत हैं. तमाम कोशिशों के बावजूद भी अमेरिका कोविड-19 (COVID-19) के संक्रमण (Infection) और उससे होने वाली मौतों की कड़ी को तोड़ नहीं पा रहा. इसी बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी की ओर से विश्व स्वास्थ्य संगठन को दिए जाने वाली फंडिंग पर रोक लगा दी है.

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने अपने प्रशासन को विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO का फंड बंद करने का निर्देश दिया है. ट्रंप ने कहा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने से रोकने में WHO बुनियादी काम करने में भी नाकाम रहा है. ट्रंप का आरोप है कि जब चीन से कोरोना वायरस के संक्रमण की शुरुआत हुई तो संयुक्त राष्ट्र का यह संगठन इसे संभालने में नाकाम रहा और असली तस्वीर छुपाता रहा.


अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि डब्ल्यूएचओ की जवाबदेही तय की जानी चाहिए. WHO की फंडिंग रोकन से पहले ट्रंप ने उसे चीन परस्त बताया था. बता दें कि कोरोना ने अमेरिका को बुरी तरह से प्रभावित किया है. अमेरिका में अब तक कोरोना से 26,047 लोगों की मौत हो चुकी है और 613,886 लोग संक्रमित हुए हैं. अमेरिका के हालातों को देखते हुए राष्ट्रपति ट्रंप की आलोचना हो रही है कि उन्होंने देश के भीतर इस महामारी को रोकने में ठीक से काम नहीं किया.

बता दें कि WHO को अमेरिका सबसे ज्यादा फंड देता है. पिछले साल भी अमेरिका ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को 40 करोड़ डॉलर (करीब 3,000 करोड़ रुपये) का फंड दिया था. व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि वो देश में सब कुछ सामान्य करने को लेकर काम कर रहे हैं. ट्रंप ने कहा, "मैं सभी 50 गवर्नरों से जल्द ही बात करूंगा. सभी राज्यों के सभी गवर्नरों को प्लान पर काम करने की ज़िम्मेदारी दी जाएगी."

ट्रंप का कहना है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकेने में WHO की क्या भूमिका रही, इसकी समीक्षा की जाएगी. ये कोई पहली बार नहीं है जब ट्रंप का धैर्य जवाब दे गया. इससे पहले ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र को दिए जाने वाले फंड पर भी सवाल उठाए थे और वैश्विक जलवायु समझौते से भी अमरेका को अलग कर लिया था. यही नहीं वर्ल्ड ट्रेप ऑर्गनाइजेशन भी ट्रंप के निशाने पर रहा है.

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन का फंड रोकने का ऐलान करते वक्त राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका WHO को हर साल 40 से 50 करोड़ डॉलर देता है जबकि चीन केवल चार करोड़ डॉलर ही देता है. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अगर डब्ल्यूएचओ ने चीन में जाकर जमीनी हालात देखे होते तो और पारदर्शिता के बारे में बताया होता तो अभी जैसी भयावह स्थिति है वैसी कभी नहीं होती.

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First published: 15 April 2020, 8:38 IST
 
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