Home » इंटरनेशनल » US president Donald Trump's Failed Taj Mahal Casino
 

अमेरिका जीते लेकिन ताजमहल को हार गए डोनाल्ड ट्रंप

आवेश तिवारी | Updated on: 10 November 2016, 7:40 IST
QUICK PILL
  • 100 करोड़ अमेरिकन डालर की लागत से आगरा के ताजमहल के तर्ज पर बनाई गई है यह इमारत. 
  • 12 हजार वर्ग फ़ीट के क्षेत्रफल में बना यह कैसिनो डोनाल्ड के शब्दों में दुनिया की आठवीं अजूबी इमारत है.
  • 10 अक्टूबर यानि पिछले माह सुबह 5  बजकर 59 मिनट पर डोनाल्ड ट्रम्प के सपनों की यह इमारत हमेशा के लिए बंद हो गई.

अमेरिका में राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने वाले डोनाल्ड ट्रम्प ने कभी ताजमहल भी बनवाया था. चौंकिए मत हम आगरा में बने ताजमहल की बात नहीं कर रहे हैं. 

यह ताज अमेरिका के अटलांटिक सिटी ,न्यू जर्सी  में डोनाल्ड ट्रंप की कंपनी ट्रम्प इंटरटेनमेंट रिसोर्ट द्वारा बनवाई गया "ताजमहल" कैसिनो है, जिसे पिछले महीने ही बंद कर दिया गया. 

डोनाल्ड ट्रंप ने किया था उद्घाटन 

लगभग 100 करोड़ अमेरिकन डालर की लागत से आगरा के ताजमहल के तर्ज पर बनाई गई इमारत का उद्घाटन खुद डोनाल्ड ट्रंप ने 1990 में किया था. इस ताजमहल के बंद होने की नौबत 2014 में ही आ गई थी.

ट्रंप की कंपनी ट्रंप इंटरटेनमेंट रिसोर्ट दिवालिया होने के कगार पर थी लेकिन इसे इकाॅॅन इंटरप्राइजेज को बेच दिया गया जिससे वो कुछ समय तक और चला, फिर इसी साल तीन अगस्त को जब डोनाल्ड ट्रंप चुनाव प्रचार में व्यस्त थे इसको पूरी तरह से बंद करने की घोषणा की गई. 

सारी नाकाम कोशिशों के बाद 10 अक्टूबर यानि पिछले माह सुबह 5 बजकर 59 मिनट पर डोनाल्ड ट्रंप के सपनों की यह इमारत हमेशा के लिए बंद हो गई .

कैसे अस्तित्व में आया ट्रंप का ताजमहल

इस खूबसूरत इमारत का निर्माण 1983 में सुप्रसिद्ध बिल्डर रिसोर्ट इंटरनेशनल के माध्यम से शुरू कराया गया था. उस वक्त रिसोर्ट इंटरनेशनल के  प्रमुख जेम्स क्रासबाई थे. जो इसका नाम यूनाइटेड स्टेटस होटल रखना चाहते थे. लेकिन 1986 में ही जेम्स की मौत हो गई जिससे इसका निर्माण कार्य प्रभावित होने लगा. तब डोनाल्ड ट्रंप आगे आए जिनके एटलांटिक सिटी में पहले से दो कैसिनो थे. 

उन्होंने 79 मिलियन अमेरिकन डालर में कंपनी के ज्यादातर शेयर खरीद लिए और कंपनी के चेयरमैन बन बैठे. मजेदार बात यह कि ट्रंप ने इस इमारत को ताजमहल का नाम दिया और महज एक साल में ही इसका निर्माण पूरा करने का बीड़ा उठाया. 

ताजमहल के निर्माण में डोनाल्ड को काफी अड़चने आई क्योंकि इसके निर्माण के लिए लगभग 930 मिलियन डालर की जरुरत थी. उन्होंने इस पैसे के जुगाड़ के लिए होटल के शेयर को बेचने का फैसला किया लेकिन आश्चर्यजनक ढंग से एक टीवी प्रोड्यूसर मार्क गिफिन ने सारे शेयर खरीद कर कंपनी पर कब्ज़ा कर लिया. 

डोनाल्ड ने फिर भी हार नहीं मानी, मुकदमा चला और फिर डोनाल्ड ने एक दिन गिफिन से ताजमहल को पुनः खरीद लिया 12 हजार वर्ग फ़ीट के क्षेत्रफल में 2 अप्रैल 1990 को डोनाल्ड का यह कैसिनो अस्तित्व में आया. डोनाल्ड के शब्दों में यह दुनिया की आठवी अजूबी इमारत है .

और फिर ट्रंप हार गए ताजमहल...

दिवालियापन, श्रम कानूनों के उल्लंघन में घिरे ताजमहल नाम के इस होटल और कैसिनो की स्थिति 2013 आते- आते बेहद ख़राब हो गई. इस बीच डोनाल्ड को कई बार गंभीर आर्थिक अवरोधों का सामना करना पड़ा. डोनाल्ड ओबामा सरकार में लगातार कैसिनो चलाने के लिए करों में रियायत मांगते रहे लेकिन उन्हें किसी किस्म की रियायत नहीं मिली. 

बीच में एक बार पुनः डोनाल्ड को ताजमहल पर से अधिकार खोना पड़ा था लेकिन नई कंपनी ट्रंप होटल एन्ड कैसिनो रिसार्ट बनाकर उन्होंने ताजमहल पर दोबारा अधिकार प्राप्त कर लिया था . इस बीच ओबामा सरकार में इनके इस कैसिनो के खिलाफ अमेरिका के आर्थिक अपराध विभाग द्वारा एक जांच भी बैठा दी गई. 

नतीजा यह हुआ कि कंपनी को लाखों डालर का फाइन भी देना पड़ा और अंततः 20 साल लंबी लड़ाई लड़ने के बाद भी डोनाल्ड ट्रंप का ताजमहल पर से मालिकाना हक़ भी ख़त्म हो गया. 

First published: 10 November 2016, 7:40 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी